अब महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में कोरोना के गंभीर मरीज ही होंगे भर्ती, आईसीयू ही यहां चलेगा

- एसएसबी ब्लॉक में भर्ती रोगियों के डिस्चार्ज होने के बाद नए रोगी जाएंगे ईएसआईसी हॉस्पिटल में

- ईएसआईसी हॉस्पिटल होगा डेडिकेटेट कोविड केयर हॉस्पिटल

By: bhuvanesh pandya

Published: 28 May 2020, 09:13 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब कोरोना के मरीजों को रखने के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर व्यापक बदलाव किए है। एसएसबी ब्लॉक में अब तक भर्ती होने वाले मरीजों के डिस्चार्ज होने के बाद एसएसबी ब्लॉक में केवल वो हर रोगी भर्ती किए जाएंगे जो कोरोना के गंभीर मरीज है, यानी जिन्हें आईसीयू में रखना होता है। इसका नाम डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल रखा गया है। इसके अलावा अन्य सिम्प्टमेटिक यानी लक्षण वाले पॉजिटिव मरीजों को इएसआईसी हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। इस चित्रकूटनगर स्थित इएसआईसी हॉस्पिटल को डेडिकेटेड कोविड केयर हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जा रहा है।
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जयपुर की तर्ज पर ये शुरुआत करने वाला दूसरा हॉस्पिटल सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज ने इसकी शुरुआत की है, उन्होंने गंभीर मरीज को छोडकऱ अन्य मरीजों को आरयूएचएस यानी राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसेज मेंं इसकी शुरुआत की है। सभी अन्य मरीजों को आरयूएचएस में भर्ती किया जा रहा है। जयपुर की तर्ज पर इस तरह की शुरुआत करने वाला एमबी हॉस्पिटल प्रदेश का दूसरा हॉस्पिटल बन गया है।
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ये किए बड़े बदलाव
- आरएनटी में आईएलआई ब्लॉक के लिए मंगवाए गए 200 बिस्तरों को सीधे ईएसआईसी हॉस्पिटल भेजा गया है। इसमें पलंग व गद्दे शामिल हैं।

- इसे हॉस्पिटल में फिलहाल उस सेटअप का स्टाफ नहीं होने के कारण इसे आरएनटी मेडिकल कॉलेज के माध्यम से ही संचािलत किया जाएगा। - इसमें करीब 30 चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की जरूरत के आधार पर आरएनटी मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी लगाई जाएगी, जरूरत के सभी साधन सामग्री, ऑक्सीजन सभी एमबी हॉस्पिटल से ही सप्लाई किया जाएगा।
- जो स्टाफ क्वार्टर हैं, वहां पर क्वारंटाइन किए जाने वाला स्टाफ रहेगा, ताकि सरकारी खर्च भी कम हो सकेगा।

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फिलहाल ये सुविधा है इसएसआईसी में

- 50 बिस्तर का आईसीयू
- 100 जरनल बिस्तर

- 100 स्टाफ क्वार्टर
- सेन्ट्रल ऑक्सीजन

- सेपरेट डिलीवरी रूम
- बड़ा खाली स्पेस

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ऐसे भर्ती किए जाएंगे मरीज

- बेहद गंभीर मरीज यानी आईसीयू में भर्ती किए जाने वाले- एमबी के एसएसबी ब्लॉक में
- सेम्प्टमेटिक, लक्षण, सर्दी, जुकाम, खासी व बुखार वाले, माइल्ड एसेम्प्टमेटिक- ईएसआईसी

- एसेम्प्टमेटिक, सामान्य व संक्रमित- पेसिफिक उमरड़ा, बेडवास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पिटल
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ये पडेग़ा असर - आगे के जो द्वार बंद किए गए हैं वह फिर से खोल दिए जाएंगे।
- एसएसबी ब्लॉक में केवल आईसीयू को छोडकऱ अन्य पहला, दूसरा व तीसरा फ्लोर खाली कर दिया जाएगा।

- लगातार संक्रमित होने वाले अन्य वार्डों के स्टाफ को राहत मिलेगी, ताकि संक्रमण नहीं फैलेगा।
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इस व्यवस्था को लेकर हमने टीम सहित इएसआईसी का दौरा कर लिया है, जल्द ही ये व्यवस्थाएं शुरू हो जाएंगी। जो मरीज फिलहाल एसएसबी ब्लॉक में भर्ती है, उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा। जैसे-जैसे वह डिस्चार्ज हो जाएंगे जगह खाली होती जाएगी, जिसे अन्य बीमारियों वाले मरीजों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। जिला प्रशासन व उच्चाधिकारियों से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है।
डॉ लाखन पोसवाल, प्राचार्य आरएनटी मेडिकल कॉलेज

bhuvanesh pandya
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