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Heart breaking news news हे ईश्वर! अपने घर की दहलीज पर भी जंगल-सी मौत

एक वृद्धा की हृदय गति रुकने से घर में ही मौत के बाद बिज्जुओं ने शव को नोंच दिया। यह वाकया जिसने भी सुना आहत हो गया। हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी, हे ईश्वर! अपने घर में ही जंगल जैसी बुरी मौत दे दी

उदयपुर

Published: January 05, 2022 01:56:56 am

गोगुंदा. जंगल में किसी की अकाल मौत का दर्द भी उस समय छोटा नजर आया, जब एक वृद्धा की अपने घर में ही मौत के बाद भी शव सुरक्षित ना रह सका। दरअसल एक वृद्धा की हृदय गति रुकने से घर में ही मौत के बाद बिज्जुओं ने शव को नौच दिया। यह वाकया जिसने भी सुना आहत हो गया। हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी, हे ईश्वर! अपने घर में ही जंगल जैसी बुरी मौत दे दी।
हेडकॉस्टेबल भरतसिंह ने बताया कि तलाई निवासी कंकूबाई (75) पत्नी नाथूलाल गांछा की मौत हो गई। वृद्धा की मौत हृदय गति रुकने से हुई। बीते सालों में पति के निधन के बाद वह अकेली ही रहती थी। सोमवार रात को वह सोई, जो सुबह नहीं उठी। घर के रोशनदान से जंगली जानवर बिज्जू घुस गया।
वृद्धा अकेली थी तो मौत के बाद समय तक किसी को पता ही नहीं चला। इस दरमियान घर में जंगली जीव बिज्जू घुस गए, जिन्होंने शव को क्षत विक्षत कर दिया। शरीर पर कई जगह नोचने के निशान मिले। सुबह देर तक वृद्धा के बाहर नहीं आने पर पड़ौसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सब हक्के-बक्के रह गए। शव बुरी तरह से नौचा हुआ मिला। ऐसी स्थिति में पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा।
क्षेत्र में बिज्जुओं का आतंक
कस्बे में कई पुराने मकानों सहित स्थानों पर वन्यजीव बिज्जू बड़ी संख्या में मौजूद है। कई बार बिज्जू छोटे बच्चों और ग्रामीणों पर हमला करने को दौड़ जाते हैं। वन विभाग को सूचना देने के बावजूद बिज्जुओं को पकडऩे की कार्रवाई नहीं की जाती है।
Oh God A jungle-like death even on the threshold of your home
हे ईश्वर! अपने घर की दहलीज पर भी जंगल-सी मौत
इनका कहना है...
बिज्जू प्राय: मृत जानवरों व कब्र खोदकर शवों को आहार बनाता है, इस कारण इसे कब्र बिज्जू कहते हैं। इस हिंसक जीव में शव की गंध पहचानने की क्षमता होती है।
करणसिंह झाला, वन्यजीव विशेषज्ञ
वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम करने से पता चला है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है। शव पर जैसे निशान मिले हैं, लगता है मौत के बाद बिज्जू ने उसे नोंचा है।
डॉ. संजय गर्ग, चिकित्सा प्रभारी, गोगुंदा
बिज्जू जंगली जानवर होते है, जो प्राय: मृत शरीर को शिकार बनाता है। गोगुन्दा और आसपास के क्षेत्र में अधिक संख्या में बिज्जू है तो पकडऩे के लिए टीम गठित करेंगे।
नरपतसिंह, क्षेत्रिय वन अधिकारी, गोगुंदा

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