ऑनलाइन ठगों से बचने को पुलिस ने जारी की सूचनाएं, कई तरह से ठगी कर रहे हैं आरोपी

लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर पुलिस ने एक बार फिर लोगों को सजग करते हुए अपील जारी

मो.इलियास/उदयपुर. राज्य में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर पुलिस ने एक बार फिर लोगों को सजग करते हुए अपील जारी की है। उसमें स्पष्ट है कि ट्रू कॉलर से लेकर मोबाइल पर आने वाले लिंक को बिना जांचे परखे कोई अपलोड नहीं करे। राजस्थान पत्रिका के 16 जनवरी के अंक में ‘सावधान! अब पेटीएम केवायसी के नाम से हो रहे फ्रॉड’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पुलिस ने अलर्ट जारी करने के साथ ही राज्य मुख्यालय द्वारा जनहित में सूचना को सावर्जनिक किया।

गौरतलब है कि उदयपुर जिले में साइबर क्राइम के मामलों में दिनोंदिन बढ़ोतरी हुई। गत वर्ष के मुकाबलों में इस साल 86 मामले अधिक दर्ज किए गए। गत वर्ष इन मामलो की संख्या 462 थी, जो इस साल 548 हो गई।
-

इनका रखें ध्यान
- पेटीएम की केवाईसी एवं चालू रखने के नाम से फोन आते हैं। इसमें दिए नम्बर पर कॉल करने पर आपको लिंक भेज कर आपके मोबाइल पर एप इन्स्टॉल करवाया जाता है। उसके बाद आपका मोबाइल हैक होते ही आपके बैंक खाते से पेमेंट निकल जाता है।

- अपरिचित व्यक्तियों द्वारा ईमेल-मैसेज द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। इससे कंप्यूटर,मोबाइल में उपलब्ध डाटा हैकर्स,साईबर अपराधियों द्वारा चोरी और ब्लॉक किया जा सकता है। इस लिंक को फॉरवर्ड व ओपन भी न करें।
- अज्ञात व्यक्ति को ओ.टी.पी न बताए। मैसेज फॉरवर्ड न करें, लिंक पर क्लिक न करें, अज्ञात व्यक्ति के खाते में पैसे डालना आदि काम भूल से भी ना करें।

- ओएलएक्स पर कोई सामान की खरीद फरोख्त के लिए आर्मी मैन बन कर सस्ता सामान बेचने की ठगी करने वालों से सावधान रहें एवं सामान देखे बिना पेमेन्ट न करें।
- फोन पर बेल आईकन को क्लिक करने के नाम पर आपके अकाउंट द्वारा फ्राड ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं, प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि इस तरीके के फोन पर ध्यान ना दें।

- आपके फोन पर अगर ट्रू- कॉलर इंस्टॉल और उस पर कोई जानकारी आपको प्राप्त होती है, तो वह पूर्ण विश्वास योग्य नहीं है। उसको सावधानीपूर्वक उपयोग करें।
- आपके मोबाईल फोन पर अगर कभी एसएमएस से कोड (ओटीपी) आए और कोई आपसे उसको फोन पर पूछे तो यह जाहिर है कि आपका अकाउन्ट हैक करना चाह रहा है। ओटीपी आपको किसी भी आदमी को नहीं बताना है। यह कोड आपकी सुरक्षा के लिए है।

- आपके बैंक अकाउन्ट का पिन कोड एवं पासवर्ड तथा आधार कार्ड को लिंक करने को लेकर कभी भी बैंक आपसे फोन पर नहीं पूछता है, ना ही आपसे कोई बैंक का अधिकारी फोन करके किसी भी प्रकार की जानकारी लेता है। अगर कोई फोन करके आपसे जानकारी चाहता है, तो कोई आपको ठगने की कोशिश कर रहा है। सावधानी बरतें। आप अपने खाते से संबंधित जानकारी किसी से शेयर ना करें।
- बीमा कंपनियां बंद बीमा पॉलिसियों को चालू करने उनके पैसे दिलाने, ज्यादा मुनाफे का लालच, लोन दिलाने के नाम पर कभी भी अन्य खातों में रुपए जमा करवाने की मांग नहीं करती है। इस प्रकार की मांगों से सावधान रहें।

-पब्लिक अवेरनेस के संबंध में आरबीआई की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.आरबीआई.ओआरजी.इन पर उपलब्ध जानकारी अवश्य पढ़ें।
- विदेशी व्यापार के दौरान लेन-देन करने से पूर्व ई-मेल, बैंक खातों का सत्यापन अवश्य करें तथा डिजीटल सिग्नेचर

का प्रयोग करें।
- लॉटरी खुलने, इनाम निकलने, किसी चैरिटी ट्रस्ट में रुपए जमा करवाने के संबंध में मिलने वाले मैसेज,ईमेल व मोबाईल कॉल्स पर ध्यान नहीं देवें।

- नौकरी, जॉब के नाम पर शातिर अपराधी ऑनलाइन परीक्षा, फोन पर इन्टरव्यू करा कर पास करा देते हैं फिर ज्वॉइनिंग, खाता खोलने, सेक्युरिटी मनी, आईडी मनी, कूरियर मनी आदि के नाम पर पैसे लेते हैं। अत: कोई भी जॉब कॉल आने पर किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में पैसा न डालें।

madhulika singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned