जान इतनी सस्ती, दो हजार बार किया अपराध माफ, ​लेकिन फिर भी नहीं बदली तस्वीर...

जान इतनी सस्ती, दो हजार बार किया अपराध माफ, ​लेकिन फिर भी नहीं बदली तस्वीर...

Sikander Pareek | Updated: 27 Mar 2019, 03:14:11 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

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मोहम्मद इलियास/उदयपुर. कानून की नजर मेंं बार-बार अपराध करने वालों को अभ्यस्त अपराधी बताकर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाती है लेकिन लोगों की जान जोखिम में डालकर ओवरलोड वाहन परिवहन करने वालों के लिए सरकार के पास कोई सख्ती नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद सरकार ने ऐसे ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने की बजाए उन पर लगे टैक्स में भारी छूट दे दी। छूट भी ऐसी कि तीन बार ओवरलोड ले जाने पर 6 हजार व तीन बार से अधिक ले जाने पर 10 हजार ही जमा करवाने है जबकि उदयपुर संभाग में हर वाहन ओवरलोड माल परिवहन कर राजस्व को चपत लगा रहा है। यहां एक भी वाहन ऐसा नहीं है जिसने महज तीन बार अपराध किया हो बल्कि सैकड़ों बार नियमों को तोड़ते हुए पेनल्टी भरकर निकल गए। सर्वाधिक गड़बड़झाला खान व्यवयाय से जुड़े वाहनों का सामने आया है। परिवहन विभाग ने हाल में टोलनाकों व खान विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों से वसूली गई पेनल्टी की सूची लेते हुए ऐसे 4464 वाहन मालिक को एमवी एक्ट में उल्लंघन पर जुर्माना भरने के लिए नोटिस थमाए तो ओवरलोड की पोल खुल गई।

इतनी भारी छूट फिर भी निकाल रहे रास्ता
ओवरलोड वाहनों को सरकार ने एमनेस्टी योजना निकालकर इतनी भारी छूट दे दी लेकिन उसके बावजूद लोग अभी भी जुर्माना जमा करवाने के बजाए गलिया निकालने में लगे है। कई लोग अपने राजनीतिक आकाओं के पास जा रहे हैं।

 

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मोटर वाहन एक्ट का हुआ उल्लघंन
टोलप्लाजे व खान विभाग ने ओवरलोड पर हाथोंहाथ पकड़ते हुए रसीद काटकर पेनल्टी वसूली लेकिन ओवरलोड के अपराध में परिवहन विभाग अब उनके विरुद्ध एमवी एक्ट के उल्लघंन की कार्रवाई कर रहा है।

वाहन मालिक की अपनी समस्या
वाहन मालिकों का कहना है कि ओवरलोड माल के दौरान ही खान विभाग व टोल नाकों
पर पेनल्टी जमा करवाई थी लेकिन उसके 9 माह बाद परिवहन विभाग की नींद खुली है। उनकी ओर से भी उसी वक्त जुर्माना वसूला जाता तो निश्चित रूप से ओवरलोड को बढ़ावा नहीं मिलता।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती भी दरकिनार
परमजीत भसीन बनाम भारत संघ के एक केस में सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि देश में कहीं भी ओवरलोड नहीं चल सकता।


सैकड़ों बार तोड़े नियम और चंद पेनल्टी
ओवरलोड वाहनों को थमाए नोटिस में कई वाहन तो ऐसे है जिन्होंने एक से दो हजार बार नियमों को तोड़ा। आर जे-27 4721 नम्बर के एक वाहन ने तो तो 2110 बार ओवरलोड माल भरकर फेरे लगाए। उस वाहन पर 2 करोड़ से अधिक पेनल्टी निकाली गई। इसी तरह कई वाहन ऐसे है जिनकी पेनल्टी चार से पांच वाहन खरीदने के बराबर है। इन वाहनों मालिकों को सरकार ने भारी छूट देकर इस कृत्य को और बढ़ावा दे दिया।


सडक़ पर होने वालों कुल दुर्घटनाओं में से 20 फीसदी कारण ओवरलोड है। हर व्हीकल की कुल क्षमता आरसी में लिखी होती है लेकिन उसके अनुरुप नहीं चलाते है। सरकार को राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ ही न्यायालय में प्रकरणों की संख्या बढ़ती है। - पराग अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता

सरकार की एमनेस्टी योजना के बाद कई वाहन स्वामी विभाग में आकर जुर्माना राशि जमा करवा रहे है। 31 मार्च तक उनके पास सुनहरा मौका है उसके बाद समस्त जुर्माना राशि पूरी वसूली जाएगी। - डॉ.मन्नालाला रावत, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी

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