ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा ही सवालों के घेरे में

bhuvanesh pandya | Publish: Jun, 25 2019 09:26:18 AM (IST) | Updated: Jun, 25 2019 10:48:21 AM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

महाराणा भूपाल हॉस्पिटल
- सेन्ट्रलाइज्ड प्लांट पर कोई सुरक्षाकर्मी नहीं

- एक कार्मिक मिला कुर्सी पर, वह भी ड्रेस में नहीं
-एक चिंगारी कर सकती है सब कुछ खाक

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर . महाराणा भूपाल हॉस्पिटल का सेन्ट्रलाइज्ड ऑक्सीजन गैस प्लांट खतरे के मुहाने खड़ा है, क्योंकि इसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। प्लान्ट पर नियमानुसार २४ घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात होना जरूरी है, लेकिन वहां न तो कोई सुरक्षाकर्मी रहता है और ना ही कोई तकनीशियन। ऑक्सीजन अति ज्वलनशील है, लेकिन प्लांट पर आग बुझाने के लिए एक भी फायर एक्सटिंगग्विशर नहीं है।

पत्रिका टीम जब इस प्लान्ट पर पहुंची तब एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं मिला और ना ही कोई कार्मिक नजर आया। प्लांट से जुडे़ एक कक्ष में प्रवेश करने पर एक कार्मिक कुर्सी पर आराम की मुद्रा में पसरा था। प्लान्ट परिसर में कोई भी व्यक्ति बेरोकटोक आ-जा सकता है। उसे रोकने वाला कोई नहीं। कार्मिक से जब पूछा गया कि वह कौन है और यहां कैसे बैठा है तो उसने उल्टा सवाल दागा कि आप कौन ? परिचय देने पर उसने अपना मुंह बंद कर दिया। उससे सुरक्षाकर्मी एवं तकनीशियन के बारे में पूछने पर उन्होने कोई जवाब नहीं दिया, बस इतना बोले कि आरएनटी कॉलेज के प्राचार्य ने बोलने के लिए मना कर रखा है, आप उनसे ही बात करें। ड्रेस के बारे में पूछा गया तो वे कुछ ही देर में वहां से रवाना हो गए।

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बाहर कुछ मिले, पर वे भी ड्रेस में नहीं

 

कुछ ही देर के बाद दो-तीन लोग प्लांट के बाहर पहुंचे, लेकिन उनमें से कोई तय डे्रस में नहीं था। इनमें से एक ने खुद को चिकित्साकर्मी बताया। जैसे ही फोटो लेना चाहा तो वह पलट गया। बाद में वह विरोध जताने लगा कि आप फोटो नहीं लेंगे। उसके साथ आए दो अन्य प्लान्ट खाली छोड़ कार्यालय में जाकर अन्दर बंद हो गए। दरवाजा खटखटाने के बाद भी उन्होंने गेट नहीं खोला।

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न रेत से भरी बाल्टियां, ना ही फायर एक्सटिंगग्विशर
प्लान्ट पर तैनात कार्मिकों से लेकर चिकित्सालय प्रशासन कितना सतर्क है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वहां न तो आग बुझाने के लिए रेत से भरी बाल्टियां हैं और ना ही कोई फायर एक्सटिंगग्विशर। यह भी शिकायत मिली कि रात को तो यह पूरी तरह से खाली रहता है, जबकि दूर से ही आक्सीजन सिलेंडर्स साफ नजर आते हैं।

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पहले सुरक्षा के लिए प्लान तो बना था

कुछ वर्ष पूर्व इसकी सुरक्षा की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। चिकित्सालय में गत १८ जून को आग लगने के बाद भी न तो आरएनटी कॉलेज प्रशासन चेता और ना ही चिकित्सालय प्रशासन।
हरदम रहते हैं 150 से 200 सिलेंडर्स
प्लांट पर हर समय 150 से 200 सिलेंडर्स पड़े रहते हैं। यहां से पूरे हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। विभिन्न वार्डों की ऑक्सीजन लाइन इस प्लान्ट से जुड़ी है।
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तत्काल व्यवस्था सही करवाएंगे। नियमित सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं, जल्द ही पूरी स्थिति पता करवाकर सुधार करवाते हैं।

डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल

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