मरीजों का सहारा एमबी: हर किसी का उपचार करने में पीछे नहीं रहा हॉस्पिटल

- कोरोना के पीक के दौरान भी किसी को नहीं लौटाया
- पिछले दो महीनों के हाल

By: bhuvanesh pandya

Published: 10 Jun 2021, 07:10 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. चाहे कोई दूसरा जिला हो या राज्य, चाहे कोई प्राइवेट हॉस्पिटल हो या सरकारी, महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में हर उस मरीज का उपचार पूरे मन से किया गया। यहां पिछले दो महीने यानी अप्रेल- मई में रोजाना 45 मरीज रेफर होकर पहुंचे। इनमें से खास तौर पर बीते 61 दिनों में बाहरी राज्य, जिलों और सरकारी हॉस्पिटलों से 1830 मरीज यहां उपचार के लिए आए वहीं, प्राइवेट हॉस्पिटलों से 915 मरीज रेफर होकर आए।
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एक समय तो बेड ही उपलब्ध नहीं थे
- एमबी हॉस्पिटल में कोरोना के पीक काल में, अप्रेल व मई माह में हालात ऐसे हो गए थे कि मरीजों को भर्ती करने के लिए एक भी पलंग खाली नहीं था। ऐसे में एक के बाद एक वार्ड कोरोना मरीजों के लिए खोले गए। ना केवल एसएसबी व इएसआईसी बल्कि एमबी हॉस्पिटल के करीब 15 से अधिक अलग-अलग वार्डों में कोरोना मरीजों को उपचार के लिए ठहराया गया। प्रशासनिक टीम से लेकर अन्य कार्मिक केवल इसी प्रबन्धन में रहते थे कि ज्यादा से ज्यादा बेड की व्यवस्था कैसे की जाए।

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ऐसे पहुंचे दो माह में रेफर होकर मरीज

915- प्राइवेट हॉस्पिटलों (शहर व बाहर के)
1830- बाहरी राज्य, जिलों और सरकारी हॉस्पिटलों से

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यहां से पहुंचे मरीज

- एमबी में उपचार करवाने के लिए मध्यप्रदेश व गुजरात, राजस्थान के सीमावर्ती गांवों से भी मरीज पहुंचे। साथ ही यहां उदयपुर संभाग के सभी जिलों डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, राजसमन्द, चित्तौडगढ़़ से बड़ी संख्या में मरीज आए। इतना ही नहीं सिरोही, जालोर के भी मरीजों ने यहां उपचार करवाया।
- रेफर करने से पहले बिना कंसेंट यहां भेजे जाने वाले मरीजों को लेकर एक बार आरएनटी प्राचार्य ने जिला प्रशासन के माध्यम से अन्य जिलों में ये संदेश भी पहुंचाया था कि मरीज को यहां रेफर करने से पहले यहां के संबंधित चिकित्सक से चर्चा जरूर की जाए ताकि यहां आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं हो।

- इन दिनों में तो दूर दराज से जो मरीज पहुंचते थे, उन्हें किसी हॉस्पिटल में जगह नहीं मिलती थी, वे यहां-वहां घूमने के बाद एमबी हॉस्पिटल पहुंचते तो उन्हें व्यवस्था कर भर्ती किया जाता। हालांकि शुरुआत में मरीजों को भर्ती होने के लिए कुछ देर तक इन्तजार भी करना पड़ता था।
अप्रेल व मई की स्थिति ...

प्रतिदिन 30 मरीज- जिले से बाहर के पहुंचे
प्रतिदिन 15 मरीज- प्राइवेट हॉस्पिटलों से स्थानीय व बाहरी

कुल पहुंचे मरीज- 2745
मरीजों के लिए की व्यवस्था

यहां केवल प्राइवेट हॉस्पिटलों की बात की जाए तो दो माह में प्रतिदिन करीब 15 मरीज व अन्य राज्य व जिलों से प्रतिदिन करीब 45 मरीज भर्ती होने पहुंचे हैं। कई बार तो दूसरे जिलों से मरीज बिना रेफर किए ही सीधे यहां आने लगे थे, लेकिन उन्हें स्थिति देखकर तय केटेगरी में भर्ती किया गया। हालांकि हमने व्यवस्था इस तरह से बनाई कि मरीजों को परेशानी नहीं हो, शुरुआत में कुछ दिक्कतें आई लेकिन लगातार वार्ड बढ़ाने के कारण हालात पर काबू पाते रहे।
डॉ आरएल सुमन, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल

bhuvanesh pandya
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