उदयपुर में इस परिवार ने शादी में दी अनूठी मिसाल, मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर दिए पौधे

उदयपुर में इस परिवार ने शादी में दी अनूठी मिसाल, मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर दिए पौधे

Pramod Kumar Soni | Publish: Dec, 08 2017 06:10:56 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर में एक रिसेप्शन में मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर पौधे दिए और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प पत्र भरवाए गए

उदयपुर . शादी समारोह को लेकर लेकसिटी हमेशा चर्चा में रही है। कभी शाही तो कभी अनूठी शादी के लिए। इस बार एक रिसेप्शन में मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर पौधे दिए और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प पत्र भरवाए गए।
हवेली परिवार संगठन से जुड़े संजय और मनीष नागदा की शादी बुधवार को हुई। रिसेप्शन में मेहमानों को पौधे देते हुए जीवनभर संरक्षण की शपथ दिलाई। दो सौ एक मेहमानों को पौधे दिए। संजय के पिता नरेश नागदा का कहना है कि देश हराभरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में छोटा-सा प्रयास है। कार्यक्रम में संगठन के प्रद्युमनसिंह राठौड़ गुड़ा, भानुप्रताप सिंह, आयुष लोढ़ा, देवेंद्रसिंह गुढ़ा, भगवतसिंह राणावत, प्रशांत पाटीदार, काव्य महाजन, प्रद्युम्नसिंह, दीपेंद्र, कुलदीपसिंह साकरियाखेड़ी की भागीदारी रही।

 

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प्रतिमाओं में होगा चार राज्यों का उत्सव दर्शन नवीनीकरण के लिए केंद्र सरकार ने दिए 9.70 करोड़
उदयपुर. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के ग्रामीण कला परिसर ‘शिल्पग्राम’ को अधिक आकर्षक बनाने और आधारभूत सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने 9.70 करोड़ की स्वीकृति दी है। कांस्य की 50 से अधिक प्रतिमाओं में राजस्थान के गणगौर , महाराष्ट्र का गणेशोत्सव, गोवा का शिग्मोत्सव और गुजरात के डांडिया उत्सव को दर्शाया जाएगा। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र निदेशक फुरकान खान ने बताया कि प्रस्ताव पर राज्यपाल कल्याणसिंह की अनुशंसा पर संस्कृति मंत्रालय की ओर से स्वीकृति जारी की गई है। प्रस्ताव पर सैद्धान्तिक सहमति संस्कृति राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने उदयपुर प्रवास के दौरान दी थी। सभी निर्माण कार्य केन्द्र सरकार की एजेंसी और केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से होंगे।

यह कार्य भी होंगे
स्थाई आकर्षण की दिशा में परियोजना के तहत सदस्य राज्यों के मुख्य सांस्कृतिक उत्सवों की झलक कांस्य की प्रतिमाओं के माध्यम से दिखाई जाएगी। सांस्कृतिक परिसर भी बनेगा, जिसमें व्यावसायिक आर्ट गैलेरी, कार्यशाला स्थल, सभागृह, ऑडियो-विजुअल केन्द्र, सेमीनार कक्ष होंगे। झोंपडिय़ों में संचालित कार्यालय भी स्थानान्तरित होंगे।
वर्तमान स्टॉल्स की मरम्मत और 200 नवीन स्टाल का निर्माण परंपरागत ढंग से होगा। नए फूड कोर्ट का निर्माण भी होगा, जिससे विभिन्न राज्यों के व्यंजन स्थाई रूप से उपलब्ध होंगे। दर्पण सभागार के नवीनीकरण का कार्य होगा। इससे अन्तरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन यहां प्रमुखता से हो सकेंगे।

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