धूल में डंडा घुमाती रही पुलिस, परिवार की आंखों से अब भी दूर 'खुशी और 'दीप

पांच वर्ष में 576 बच्चों को तलाश नहीं पाई पुलिस

- प्रदेश में नौ गिरोह के शिकंज से छुड़ाए 14 हजार से अधिक बच्चे

By: bhuvanesh pandya

Published: 18 Oct 2020, 07:40 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. कई दीपावली आकर चली गई, लेकिन प्रदेश के कई घरों को खुद के चिरागों की रोशनी नसीब नहीं हो पाई है। घर के दरवाजे पर किसी दस्तक सुनाई देते ही ऐसा लगता है मानो वह लौट आया हो या उसका सुकून भरा चेहरा पट खुलते ही दिख जाएगा, लेकिन ना तो उस घर की 'खुशी लौटी और ना ही दीपÓ।
यह दास्तां है ऐसे परिवारों की, जिनके बच्चे कभी पलभर भी उनकी आंखों से ओझल नहीं होते थे, लेकिन अब कई बरस बीत गए उन्हें देखे, उन्हें स्नेह किए। वर्ष 2015 से 2019 तक प्रदेश में नाबालिग बच्चों के अपहरण और गुमशुदा होने के कुल 14822 प्रकरण सामने आए, इनमें से 14246 को जीवित बरामद कर लिया गया, लेकिन अब भी 576 बच्चों को पुलिस तलाश नहीं कर पाई। इसी अवधि में बच्चों के अपहरण और तस्करी करने वाले 9 गिरोह पकड़े गए तो 1765 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े।

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ये किए प्रयास...

- रेंज के सभी जिलों में मानव तस्करी विरोधी यूनिटें गठित की हुई हैं।
- गुमशुदा बच्चों का विवरण ट्रेक द मिसिंग चाइल्ड वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है।

- सीएलजी बैठकों के दौरान गुमशुदा बच्चों की जानकारी देकर सदस्यों का सहयोग लिया जा रहा है।

- थाना स्तर पर टीमों का गठन कर तलाश जारी है।

- गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए टीवी चैनल्स का भी सहारा लिया जा रहा है।
- समाचार पत्रों में प्रकाशन एवं मुश्तेहरी जारी की गई।

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ये है संभागीय मुख्यालय के हाल

जिला- नाबालिग बच्चों के अपहरण, गुमशुदा मामले-बरामद बच्चे- पकड़े गिरोह/लोग
अजमेर- 1044- 206 लड़के/658 लड़कियां- 0/0

जयपुर- 2436- 948 लड़के/1632 लड़कि यां- 0/0

बीकानेर- 169- 68 लड़के/98 लड़कियां- 0/0

भरतपुर- 110-84 लड़के/50 लड़कियां- 2/10
जोधपुर- 744- 213 लड़के/494 लड़कियां- 0/0

कोटा- 1321- 371 लड़के/ 886 लड़कियां- 2/10

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उदयपुर में वर्षवार स्थिति
वर्ष- नाबालिग बच्चों के अपहरण, गुमशुदा मामले- बरामद लड़की/लड़के- पकड़े गिरोह/लोग

2015- 100-24/75-0/4

2016- 110-23/76-0/6

2017- 81-16/63-0/6
2018- 124-23/93-0/19

2019- 154-24/123-1/19

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उदयपुर
कुल गुमशुदा- 569

खोजे गर्ए लड़के-110

खोजी गई लड़कियां- 430

पांच वर्ष में एक गिरोह पकड़ा। साथ ही 54 लोगों को गिरफ्तार किया है।

करते हैं त्वरित कार्रवाई

नाबालिग बच्चों के मामलों में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाती है। उदयपुर की स्थिति बेहतर है। पुलिस लगातार प्रयास करती है। नियमित रूप से साइबर सेल की मदद लेकर जल्द से जल्द दस्तयाब करने की कार्रवाई की जाती है।
गोपाल स्वरूप मेवाड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उदयपुर शहर

bhuvanesh pandya
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