scriptPose machine making toy in fair price shop | उचित मूल्य की दुकान में पोस मशीन बना खिलोना | Patrika News

उचित मूल्य की दुकान में पोस मशीन बना खिलोना

नेट कनेक्टिविटी नहीं

उदयपुर

Published: February 27, 2022 11:37:05 am

दूरदराज के कई गांवों में नेट कनेक्टिविटी नहीं होने से यहां उचित मूल्य की दुकानों पर दी गई पोस मशीन खिलौना बनी हु़ई है, इससे यहां दुकान पर गेहूं लेने जाने वाले लोगों को केवल अंगूठा लगाने के लिए आसपास के गांवों की दौड़ लगानी पड़ रही है। खास बात यह है कि अभी दुकान पर केवल गेहूं ही मिल रहे हैं। गेहूं लेने जाने वाले लोगों को कई किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ रहा है। राजस्थान पत्रिका ने कलात ग्राम पंचायत के मंडास गांव में पड़ताल की तो सामने आया कि यहां उचित मूल्य की दुकान पर दस गांवों के करीब 1700 परिवार जुड़े हुए है, जो पोस मशीन होने के बावजूद केवल अंगूठा लगाने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर करमा तालाब चौराहा मोड़ तक जा रहे हैं।
उचित मूल्य की दुकान में पोस मशीन बना खिलोना
उचित मूल्य की दुकान में पोस मशीन बना खिलोना
------------
1 व 2 रुपए किलो मिल रहा है गेहूं
- फिलहाल उचित मूल्य की दुकान पर गेहूं दिया जा रहा है। इसकी कीमत लोगों से 1 व 2 रुपए प्रतिकिलोग्राम राशि ली जा रही है। 1 रुपए व दो रुपए के लिए अलग-अलग केटेगरी बनी हुई है।
- एपीएल कार्ड में प्रति व्यक्ति दस किलोग्राम दे रहे हैं। राज्य सरकार के दो रुपए प्रति किलो्ग्राम व केन्द्र से पांच किलो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में मुफ्त गेहूं दिए जा रहे हैं।
- अन्त्योदय योजना में एक कार्ड पर 35 किलोग्राम राज्य सरकार से एक रुपए प्रति किलोग्राम दे रहे हैं। इसके अलावा प्रति यूनिट पांच किलोग्राम गरीब कल्याण योजना में मुफ्त में केन्द्र सरकार दे रही है।
- बीपीएल का पांच किलोग्राम प्रति व्यक्ति व पांच किलोग्राम केन्द्र की ओर से नि:शुल्क दे रहे हैं।
- मंडास के समीप के बामनिया, कलात फला, नला, गोरा सहित करीब दस गांवों के लोग नेटवर्क की इस परेशानी से जूझ रहे हैं।
------
ये बोले संचालक
मंडास गांव में उचित मूल्य की दुकान के संचालक अम्बालाल ने बताया कि यहां पर नेट कनेक्शन नहीं होने से करीब तीन किलोमीटर दूर लोगों को अंगूठा लगवाने के लिए भेजना होता है, वहां पर अंगूठा लगाकर आते हैं, इसके बाद यहां उन्हें गेहूं दिया जाता है।मेरे बेटे को वहां पर बिठाना होता है, वहां पर वह पोस मशीन पर अंगूठा लगवाता है और यहां मैं गेहूं देता हूं। यहां पोस मशीन नेटवर्क नहीं होने से किसी काम की नहीं है।
------

ये बोले लोग
- मंडास के छगनलाल ने बताया कि यहां गेहूं लेने आते हैं तो यहां से करीब तीन से साढ़े तीन किलोमीटर जाना पड़ता है, इसके बाद यहां पर गेहूं देते हैं।
- मंडास के ही शंभूलाल ने बताया कि यहां से गेंहू लेते हैं, अंगूठा लगाने के लिए दूर जाना पड़ता है, इसलिए परेशानी होती है।
-------
हां, पांच स्थानों को नेटवर्क के अभाव में ऑफलाइन कर रखा है। कुछ क्षेत्रों में कई बार सर्वर डाउन रहता है, इसलिए यह परेशानी आ रही है, इस पर काम चल रहा है।
गितेश मालवीय, जिला रसद अधिकारी, उदयपुर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

सीएम Yogi का बड़ा ऐलान, हर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरीचंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड लाए गए श्योक नदी हादसे में बचे 19 सैनिकआय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला को 4 साल की जेल, 50 लाख रुपए जुर्माना31 मई को सत्ता के 8 साल पूरा होने पर पीएम मोदी शिमला में करेंगे रोड शो, किसानों को करेंगे संबोधितराहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा - 'नेहरू ने लोकतंत्र की जड़ों को किया मजबूत, 8 वर्षों में भाजपा ने किया कमजोर'Renault Kiger: फैमिली के लिए बेस्ट है ये किफायती सब-कॉम्पैक्ट SUV, कम दाम में बेहतर सेफ़्टी और महज 40 पैसे/Km का मेंटनेंस खर्चIPL 2022, RR vs RCB Qualifier 2: राजस्थान ने बैंगलोर को 7 विकेट से हराया, दूसरी बार IPL फाइनल में बनाई जगहपूर्व विधायक पीसी जार्ज को बड़ी राहत, हेट स्पीच के मामले में केरल हाईकोर्ट ने इस शर्त पर दी जमानत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.