धरे रह गए पीपीइके, बिना सतर्कता केवल मास्क पहनकर कोरोना जांच को पहुंचे होटल ट्राइडेंट

लापरवाह नजर आया चिकित्सा दल - डिप्टी सीएमएचओ ने तो मास्क तक नहीं पहना

By: bhuvanesh pandya

Published: 07 Mar 2020, 09:32 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. कोरोना वायरस से लडऩे के लिए भले ही सरकार ने चिकित्सालयों में पीपीके यानी पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट दिए गए हैं, लेकिन चिकित्सक स्वयं ही इसे लेकर सतर्क नहीं है या पूरा महकमा ही लापरवाह है। जिस होटल ट्राइडेंट में इटली के पर्यटक रुक कर गए, उस होटल में जांच के लिए बुधवार को पहुंचे दल ने उस किट को हाथ तक नहीं लगाया जबकि दूसरी ओर एमबी के अधीक्षक डॉ आरएल सुमन का कहना है कि सभी चिकित्सकों को पूरा किट जारी किया गया है।

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ये है किट में

किट में गाउन, शू कवर, चश्मा, सिर ढकने की टॉपी और हाथ में ग्लब्स होते हैं। इसके साथ ही एक विशेष मास्क एन 95 भी पहनना होता है, ये मास्क खास तौर पर स्वाइन फ्लू यानी एच वन-एन वन को रोकने के लिए कारगर साबित माना गया है। ये किट पहनने पर जांच पूरे सुरक्षा घेरे में होती है और इससे अन्य लोगों के संक्रमित होने का भी खतरा नहीं होता।

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दो सौ पीपीके, ढाई हजार एन 95 मास्क

महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में फिलहाल करीब 200 पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध हैं, जबकि दो हजार एन-95 मास्क है तो थ्री लेयर मास्क की संख्या भी करीब पांच हजार से अधिक है, इसके बाद भी चिकित्सकों से लेकर पूरे चिकित्सा टीम की लापरवाही साफ नजर आ रही है। होटल ट्राइडेंट में जांच के लिए पहुंचे चिकित्साधिकारियों ने केवल मुंह पर मास्क लगाएं, जबकि डिप्टी सीएमएचओ डॉ राघवेन्द्र राय ने तो सामान्य मास्क तक नहीं पहना।

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फिलहाल चार मरीज भर्ती

महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में फिलहाल चार मरीज भर्ती हैं। इसमें से एक 30 वर्षीय महिला है, जबकि अन्य तीन पुरुषों में एक 25, 49 और 29 वर्षीय मरीज भर्ती है। आइसोलेशन वार्ड में 14 पलंग हैं, जबकि दो आईसीयू के लिहाज से तैयार किए गए हैं। दो लाइफ सपोर्ट वेङ्क्षटलेटर्स हैं। हॉस्पिटल में एड्रेनलाइन, डोपामाइन, एट्रोपाइन सहित हर प्रकार की एंटीबायटिक दवा उपलब्ध हैं।

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पर्यटन विभाग ने भेजा पत्र

पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने ट्राइडेंट होटल महाप्रबन्धक को पत्र लिखा है कि 21 से 28 फरवरी तक उनके होटल में रुके इटली के पर्यटक एन्ड्रेया करिल (69) को कोरोना का संदिग्ध माना गया है। उसका नमूना जांच के लिए पुणे भेजा है। हवाई अड्डे से होटल तक उपयोग में ली गई बस के ड्राइवर व क्लिनर को 28 दिनों तक सर्विलेंस में रखे जाने, मेडिकल जांच करवाने, होटल में उन कमरों को सोडियम हाइपोक्लोराइड से कीट हटाए जाए और ये रूम किसी को नहीं दिए जाए। ये एन्ड्रेया करिल 21 से 28 तक प्रदेश के 6 जिलों में घूमा। इसमें उदयपुर के होटल ट्राइडेंट सहित झुन्झुनू के होटल केस्टल मडावा, बीकानेर के होटल गज केसरी, जैसलमेर के होटल रंग महल, जोधपुर का होटल पार्क और जयपुर का होटल रमाड़ा शामिल है।

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किसी भी जांच चिकित्सक के लिए ये जरूरी है कि जो सीधे मरीज के या संक्रमित जगह से सम्पर्क में आता है, वह पीपीइके को पहनकर ही जाए, यदि कोई नहीं पहनता है तो खतरा बढ़ जाता है।

डॉ आरएल सुमन, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल

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bhuvanesh pandya
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