प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन करने वालों ने यदि दी झूठी जानकारी तो अब उठाया जाएगा ये सख्‍त कदम

प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन करने वालों ने यदि दी झूठी जानकारी तो अब उठाया जाएगा ये सख्‍त कदम

Mukesh Hingar | Publish: Oct, 28 2017 05:08:27 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

घटते-घटते रह गए 4929 पात्र आवेदक, मकान और तीन लाख की कमाई तो करें आपत्ति

उदयपुर . प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमवाई) के लिए किए गए 28 हजार आवेदनों की जांच में घटते-घटते अब पात्र आवेदकों की संख्या महज 4929 ही रह गई है। नगर विकास प्रन्यास (यूआईटी) ने इनकी सूची सार्वजनिक करते हुए कहा कि अगर इसमें से किसी की वार्षिक आय तीन लाख रुपए से ज्यादा है या उसका स्वयं का मकान है तो सूचित करे ताकि उसकी बजाय असली हकदार को मकान मिल सके। साथ ही यूआईटी के स्तर पर भी रेण्डम जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आशियानों की लॉटरी निकाली जाएगी।


यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पात्र 4929 आवेदकों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। वार्षिक आय या स्वयं का मकान होने जैसी किसी भी आवेदक को लेकर आपत्ति है तो वे वेबसाइट पर उपलब्ध प्रपत्र को भर यूआईटी कार्यालय में जमा करवा दें। यह आपत्तियां 10 नवंंबर 2017 तक ली जाएगी।


जानकारी झूठी मिली तो काली सूची
यूआईटी ने तय किया है कि इन 4929 नामों में से किसी पर आपत्ति आती है और यह जांच में सही पाई जाती है तो उस आवेदक को यूआईटी से आधार नंबर के जरिए स्थायी रूप से काली सूची में डाल दिया जाएगा। इससे वह भविष्य में किसी भी योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा और जरूरत होने पर पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया जाएगा।

 

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डाटा तैयार
इस बार आवेदन ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन लेने से यूआईटी में इनका आधार संख्या सहित ऑनलाइन स्थायी डाटा तैयार हो गया है। यूआईटी का कहना है कि एक बार मकान ले लेने वाला दूसरी बार आवेदन करेगा तो सिस्टम उसे पकड़ लेगा। अब तक ऑफलाइन आवेदन में शपथ पत्र देने के बावजूद एक बार मकान खुलने पर भी कई बार आवेदन कर देते थे।


एक पूर्व पार्षद ने भी कर दिया आवेदन
आर्थिक रूप से सम्पन्न हिरणमगरी की एक पूर्व पार्षद ने भी इस योजना में आवेदन कर दिया था। इस खुलासे के बाद उसने जो औपचारिकताएं पूरी करनी थी, वह नहीं की। ऐसे में स्वत: ही वह इस प्रक्रिया से बाहर हो गई है। यूआईटी का मानना है कि इतनी सख्ती के चलते 10605 में से मात्र 4929 ने पुन: ऑनलाइन आवेदन किया।

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