स्कूलों में सुरक्षा पर सवाल: कोरोना प्रोटोकॉल हवा, दो विभागों के पाटों में फंसे सुरक्षा नियम

- सरकार बोली स्कूलों में करनी होगी स्क्रीनिंग

- यदि कोई बच्चा आइएलआई है तो तत्काल सेंपल जरूरी

- चिकित्सा विभाग ने आदेश निकाल कर दी इतिश्री

By: bhuvanesh pandya

Published: 12 Feb 2021, 08:48 AM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. अर्से बाद सरकारी व निजी स्कूलों के द्वार तो खुले लेकिन सरकार की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों की सुरक्षा पर अधिकांश स्कूलों में काम नहीं हो रहा। एक तो सरकार के स्कूलों को निर्देश थे कि वह पूरे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाएं, तो चिकित्सा विभाग को निर्देश थे कि वह इन स्कूलों में स्क्रीनिंग के साथ रेंडम सेंपलिंग करवाए। लेकिन ना तो शिक्षा विभाग इन स्कूलों में नियमों का पालन करवा पा रहा है और ना ही चिकित्सा विभाग सरकारी आदेश की पालना कर स्कूलो में सेंपलिंग ही करवा पा रहा है। सरकारी व निजी स्कूलों के हालात पर राजस्थान पत्रिका की एक खास रिपोर्ट।

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ऐसे नजर आए हाल

- फतह स्कूल की की कक्षाओं में कुछ में सोशियल डिस्टेंसिंग का पालन था, तो कुछ में नहीं।

- गुरु गोविन्द स्कूल में सभी बच्चों ने मास्क नहीं पहने थे। जबकि अभी प्रत्येक विद्यार्थी को इसका पालन अनिवार्य रूप से करना है।

- एक निजी स्कूल में बच्चे मास्क पहने नजर आए।

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अभी शुरु नहीं हुई सेंपलिंग

चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने आदेश दिए है कि स्कूलों में रेंडम सेंपलिंग की जाए, जबकि ये नमूने लेने का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसके साथ ही चिकित्सा विभाग को ये देखना था कि यदि किसी स्कूल में कहीं कोई विद्यार्थी पोजिटिव पाया जाता है, तो वहां पर बड़े स्तर पर सेंपलिंग करनी है, लेकिन यहां तो स्क्रीनिंग भी शुरू नहीं हो पाई है।
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तो हो सकता है बड़ा खतरा
यदि कोई विद्यार्थी संक्रमित है, और अन्य विद्यार्थियों में भी संक्रमण फैलाता है, तो बड़ी परेशानी हो सक ती है। अब तो छठी से बारहवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खुल चुके हैं।

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निजी व सरकारी स्कूलों में ये हैं खामियां

- नियमित टेम्प्रेचर लेने की सुविधा नहीं।

- सेनेटाइजर की सुविधा नहीं

- सोशियल डिस्टेंङ्क्षसग पर ध्यान नहीं। कक्षाओं से लेकर बाहर भी बच्चे तय दूरी बनाकर नहीं रहते।

- अधिकांश विद्यार्थी नियमानुसार मास्क नहीं पहनते।

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कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए है। यदि कोई स्कूल लापरवाह है तो यह गंभीर है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी दौरे कर रहे है, और सभी को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दे रहे हैं।

डॉ नरेन्द्र टाक, सहायक निदेशक स्कूली शिक्षा

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हमने सभी बीसीएमओ और संबंधित प्रभारियों को आदेश जारी किए है, सभी को इसके अनुरूप कार्य करने के लिए कहा गया है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट लेंगे।

डॉ दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ उदयपुर

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bhuvanesh pandya
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