झीलों की नगरी में भरा आईटी टैलेंट का महाकुंभ,  ‘हेकाथॉन’ की उत्साही उमंग से शुरू हुआ ‘राजस्थान डिजिफेस्ट’

झीलों की नगरी में भरा आईटी टैलेंट का महाकुंभ,  ‘हेकाथॉन’ की उत्साही उमंग से शुरू हुआ ‘राजस्थान डिजिफेस्ट’

Mukesh Hingar | Updated: 03 Dec 2017, 12:04:43 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर .दो दिवसीय राजस्थान डिजिफेस्ट उदयपुर-2017 शनिवार को मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार परिसर में शुरू हुआ।

उदयपुर . डिजिटल राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने और युवा प्रतिभाओं के नवाचारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से दो दिवसीय राजस्थान डिजिफेस्ट उदयपुर-2017 शनिवार को मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार परिसर में शुरू हुआ। राज्य सरकार की अनूठी पहल के तहत जयपुर और कोटा के बाद उदयपुर डिजिफेस्ट में भी ‘हेकाथॉन’ की उत्साही उमंग के साथ शुरू हुआ। इसमें देशभर से आए मेधावी युवाओं का जोश देखते ही बना। आईटी प्रतिभाओं के इस महाकुंभ में देश के विभिन्न प्रान्तों से सूचना प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं अन्य तकनीकी विषयों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं और साथ ही विभिन्न विषय विशेषज्ञ तथा स्टार्टअप से जुड़ी हस्तियां भी इस समारोह में नव प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दे रही हैं।

 

 

24 घंटे चलेगी ‘हैकाथॉन’
सरकार की ओर से संचालित देश की सबसे बड़ी यह हैकाथॉन प्रतियोगिता लगातार 24 घंटे चलेगी। इसमें देश भर के विभिन्न इंजीनियरिंग व तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से शामिल हो रहे हैं। ये प्रतिभागी भामाशाह योजना , ई-मित्र, पर्यटन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉक चेन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, बिग डेटा, बायो इन्फॉर्मेटिक्स आदि विषयों पर एप्लीकेशन के माध्यम से नवाचार व उपयोगी सुझाव प्रस्तुत कर रहे हैं।

 

READ MORE: उदयपुर में पुलिस ने किया वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, आरोपितों की निशानदेही पर 3 वाहन बरामद

 

विजेता जीतेंगे आकर्षक पुरस्कार
हैकाथॉन में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत एप्लीकेशन की संकल्पना, उपयोगिता, डिजाइन एवं क्रियान्वयन संभाविता के आधार पर शीर्ष टीमों को चुना जाएगा एवं विशेषज्ञ इनका साक्षात्कार लेने के बाद विजेताओं का चयन करेंगे। शीर्ष तीन टीमों के साथ राज्य सरकार का प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग क्रमश: 15, 10 और 7.5 लाख रुपए का करार करेगा। प्रतिभागियों को पुरस्कारों की दस अन्य श्रेणियों के लिए भी नामित किया जाएगा, जिनमें आईपैड, टेबलेट और सेलफोन जैसे आकर्षक पुरस्कार शामिल हैं।

 

 

ट्यूरिस्ट के लिए गाइड बनेगा चैट बोट

जयपुर के विनायक का ‘चैट बोट’ पर्यटकों के लिए परफेक्ट गाइड का काम करेगा। यह चैटिंग का रोबोट है, जो पर्यटकों को हर सवाल का जवाब देगा। चैट बोट में उसके लिखे हर सवाल का जवाब और उससे जुड़े लिंक यूजर को मिल जाएंगे जिससे किसी भी स्थान के बारे में उसकी जिज्ञासाओं का समाधान होगा और पर्यटन स्थलों के बारे में परफेक्ट जानकारी लेकर भ्रमण कर सकेगा। इसी प्रकार नई दिल्ली से आई व्हाइट बटर टीम के सोनल विज, हितेश और शिरीन का एप ‘सिंपली राजस्थान’ पर्यटकों के लिए स्मार्ट असिस्टेंट का काम करेगा। इसके जरिए ट्यूरिस्ट को किसी भी स्थान की सारी जानकारी ऑडियो में मोबाइल पर मिल जाएंगी।

 

जवाबदेही करेगा तय
जेएमआईटी, यमुनानगर से आए गौरव, मोहित, कुलविंदर और गौरव ऐसा सॉफ्टवेयर बना रहे हैं जो दफ्तरों में सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगा। आमजन यह जान पाएगा कि उसके प्रकरण में क्या कार्रवाई की गई है और अभी क्या चल रहा है। किसी भी सरकारी काम के लिए तय समयावधि में काम नहीं होने पर बताएगा कि किसकी लापरवाही के कारण काम अटका। इस सॉफ्टवेयर में विभाग और आमजन के लिए अलग-अलग पासवर्ड, लॉगिन रहेंगे जिससे वे इस पर काम कर सकेंगे।

 

 

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned