राजस्थान में यहां 10 महीने में बनना था बर्ड पार्क, निकल गए 38 महीने

वन विभाग का प्रोजेक्ट

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 16 Oct 2020, 09:38 PM IST

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. हरे-भरे गुलाबबाग में ही पक्षियों का एक बड़ा घर बनने के लिए यूआईटी, नगर निगम व पर्यटन विभाग ने भामाशाह की तरह मन खोलकर अपनी तिजोरी से धन दिया। दूसरी तरफ इसी बर्ड पार्क को बनाने के लिए 10 महीने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन लापरवाही का आलम देखिए 38 महीने हो गए है पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है। वन विभाग अभी 2020 के पहले महीने में इसे शुरू करने का दावा जरूर कर रहा है।
बर्ड पार्क बनाने का कार्य जिस फर्म व एंजेसी को दिया उस पर भी कोई सख्त पैनल्टी नहीं लगाई गई जिसका असर यह रहा कि 10 महीने का काम अभी तक चल ही रहा है। वन विभाग के अफसर बचाव के लिए कोविड-19 से लेकर फंड ट्रांसफर जैसे कुछ तर्क देकर जरूर अपना बचाव कर रहे है, जबकि कोविड तो इस साल आया लेकिन यह कार्य तो अगस्त 2017-18 का था।

बर्ड पार्क का खाका खड़ा करने वाले शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने भी विधानसभा में पूछा कि तय समय में बर्ड पार्क नहीं बनने के लिए कौन जिम्मेदार है लेकिन वहां पर निर्माण सामग्री की आपूर्ति समय पर नहीं होने का विलंब बता दिया गया। कटारिया ने फरवरी 2020 में विस में पूछा था तब बताया कि 3 एनक्लोजर का निर्माण अधूरा है, उसके बाद 7 महीने निकल गए लेकिन अभी भी तीन पिंजरों का निर्माण अधूरा है।

देरी के लिए ये गिनाए कारण

- निर्माण सामग्री की आपूर्ति नहीं हुई
- काम करने वाली एजेंसी ने यूसी समय पर नहीं दी तो राशि आने में देरी हुई
- कोविड-19 के चलते भी काम बहुत प्रभावित हुआ

अब ये काम बाकी है

- तीन एनक्लोजर में जाली लगाकर उनको पूरा करना
- बर्ड पार्क का मुख्य गेट का टेंडर हुआ है अब काम शुरू होगा
- बायो पार्क के अलावा दूसरे जू से आदान-प्रदान में बर्ड लाने है

वन विभाग को बजट यहां से मिल रहा

- 11.49 करोड़ रुपए अनुमानित लागत
- 8 करोड़ रुपए पर्यटन विभाग से
- 1.75 करोड़ रुपए नगर निगम से
- 1.74 करोड़ रुपए यूआईटी से

ऐसा होगा बर्ड पार्क

बर्ड पार्क के 5.11 हैक्टेयर क्षेत्र में 11 पक्षीघर बनाए जा रहे है। इनमें मकाव, काकातू, तोते, जलपक्षी, उल्लू, शिकरे, गिद्ध व बाज़, मुर्ग, मुनिया, पेसेराइल, ईमू, हॉर्नबिल व पहाड़ी मैना आदि के पक्षीघर हैं। इसके साथ ही पक्षी अस्पताल, वॉच टावर, जनसुविधाएं, शिक्षण केन्द्र के साथ ही सौंदर्यीकरण के कार्य पार्क स्थल भी प्लानिंग में है।


इनका कहना है....
हमारी तरफ से इसमें कोई कमी नहीं है। असल में इस प्रोजेक्ट में काम करने वाली एजेंसी दूसरी तो फंड देने वाली तीसरी एजेंसी है। ऐसे में कई समस्याएं आई जिससे जरूर प्रोजेक्ट लम्बित हुआ। हम बर्ड पार्क के काम की नियमित निगरानी कर रहे है, गुरुवार को भी दौरा कर बचे हुए कार्य को जल्दी पूरा करने को लेकर समीक्षा की। हमारा प्रयास है कि दिसम्बर तक इस कार्य को पूरा कर दिया जाए।
- आर.के. खेरवा, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)

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