वन्यजीव के हमले में मौत होने पर अब मिलेगा चार लाख मुआवजा, राजस्‍थान सरकार ने बढ़़ा़ई राशि

वन्यजीव के हमले में मौत होने पर अब मिलेगा चार लाख मुआवजा, राजस्‍थान सरकार ने बढ़़ा़ई राशि

Mukesh Hingar | Publish: Dec, 01 2017 01:41:05 PM (IST) | Updated: Dec, 01 2017 01:42:36 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

वन्यजीवों के इंसानों व पालतू मवेशियों पर हमले में होने वाली जनहानि पर मुआवजा राज्य सरकार ने दो गुणा बढ़ाया मुआवजा...

उदयपुर . राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्यों में तथा उसके बाहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों के इंसानों व पालतू मवेशियों पर हमले में होने वाली जनहानि पर मुआवजा राशि राज्य सरकार ने बढ़ाई है। इंसान की मौत पर अब दो के बजाय चार लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने गुरुवार को राज्य के सभी वन अफसरों को इस आशय का आदेश भेजा। करीब छह साल के बाद इस राशि में बढ़ोतरी की गई है।


राज्य सरकार के इस आदेश पर मुहर लगाने के साथ ही गुरुवार को सभी संभाग के मुख्य वन संरक्षकों को नए आदेश के तहत मुआवजा राशि की पालना करने को कहा है। इंसान के स्थायी अयोग्यता की राशि भी एक से बढ़ाकर दो लाख रुपए तथा अस्थायी अयोग्यता की राशि 20 से बढ़ाकर 40 हजार रुपए की है।

जनहानि मुआवजे की शर्तें
द्य घटना की जानकारी पुलिस व वन अधिकारी को देनी होगी। द्य चिकित्सक का प्रमाण पत्र जरूरी होगा। द्य शिकार की दृष्टि से जाने की स्थिति में हमले पर मुआवजा देय नहीं।


पशु हानि मुआवजे की शर्तें
द्य घटना के 48 घंटे में सूचना वन विभाग को दें। द्य मौका पर्चा नहीं बनाए, तब तक मृत मवेशी को नहीं हटाए।

 

READ MORE: इस परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, चार दिन में परिवार के तीन लोगों की मौत, ये थी मौत की वजह

 

राज्य सरकार के नए आदेश हमे मिल गए है। इसके तहत मुआवजे राशि भुगतान की नई दरों से ही प्रकरणों का निस्तारण किया जाए इस आशय के आदेश नीचे के अफसरों को भी दे दिए है।
- राहुल भटनागर, मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)

यह रहेगी मुआवजा राशि

श्रेणी राशि
इंसान की मौत - 4 लाख रु.
इंसान के स्थायी अयोग्य - 2 लाख रु.
इंसान के अस्थायी अयोग्य - 40 हजार रु.
भैंस व बैल की मौत - 20 हजार
गाय की मौत - 12 हजार
इनके बछड़ों की मौत - 4 हजार
बकरी या बकरे की मौत - 2 हजार
ऊंट की मौत - 20 हजार
गधे या खच्चर की मौत - दो हजार

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned