सूचनाएं नहीं देते या अधूरी देते, 2 करोड़ का जुर्माना वसूला चुका सूचना आयोग

उदयपुर शहर विधायक के सवाल पर सरकार का जवाब

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 22 Jul 2021, 06:28 PM IST

Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर. सूचना के अधिकार कानून के तहत सूचनाएं नहीं देने, अपूर्ण या भ्रामक सूचनाएं देने पर सूचना आयोग ने प्रदेश में करीब 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना संबंधित लोक सूचना अधिकारियों पर लगाया है। सूचना आयोग पर भी कोरोना संक्रमण इस कदर रहा कि सूचनाएं नहीं देने के प्रकरणों को तेजी से निपटाने व कोर्ट कैम्प लगाने की योजना पर ज्यादा काम नहीं हो सका।

यह जवाब उदयपुर शहर विधायक एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के विधानसभा में पूर्व में लगाए सवाल पर मिले जवाब में सरकार ने दिया। सरकार ने जवाब में बताया कि लॉकडाउन व राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं आयुक्तों के रिक्त पद होने से लम्बित प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन आयोग के समस्त पद भरे जाने के बाद सुनवाई तेजी से की जा रही है। आयोग ने आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) के अन्तर्गत राज्य लोक सूचना अधिकारी ने, युक्तियुक्त कारण के बिना सूचना के लिए, कोई आवेदन प्राप्त करने से इन्कार किया या निर्धारित समय के भीतर सूचना नहीं दी, जानबूझकर गलत, अपूर्ण या भ्रामक सूचना दी है तो आयोग अधिकतम 25 हजार रुपए जुर्माना लगाता है और 22 फरवरी 2021 तक 2,09,68,415 रुपए जुर्माना के रूप में आयोग ने वसूले।

उदयपुर संभाग में कोर्ट कैम्प प्रस्तावित था
उदयपुर संभाग के जिलों की सर्वाधिक अपीलों के निस्तारण होना बाकी था ऐसे सूचना आयोग की ओर से उदयपुर संभाग मुख्यालय पर पिछले महीने ही कोर्ट कैम्प लगाने का कार्यक्रम भी बना था लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन से कैम्प नहीं लग सका।

77,536 द्वितीयें अपीले दर्ज हुई
73241 द्वितीय अपीलों की सुनवाई हो चुकी
5220 परिवाद दर्ज हुए
4893 परिवादों की सुनवाई हो चुकी
2,09,68,415 रुपए जुर्माना के रूप में फरवरी तक वसूले
(आंकड़े जनवरी 2013 से दिसम्बर 2020 तक)

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