रामनवमी पर अश्लेषा नक्षत्र व पांच ग्रहों का संयोग मंगलकारी

21 को मनाई जाएगी, मंदिरों में होगी विशेष पूजा, भक्त घर पर रहकर ही मनाएंगे राम जन्म उत्सव

By: madhulika singh

Published: 19 Apr 2021, 08:45 PM IST

उदयपुर. चैत्र शुक्ल नवरात्र की नवमी पर 21 अप्रेल को रामनवमी मनाई जाएगी। इस बार पांच ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग इस दिन की शुभता में वृद्धिकारक होगा। कोरोना महामारी के कारण इस बार भक्त मंदिरों में दर्शन नहीं कर पाएंगे और अपने स्तर पर ही पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं, मंदिरों में विशेष पूजा होगी।

पं. जगदीश दिवाकर के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में राजा दशरथ के यहां माता कौशल्या के गर्भ से जन्म लिया था। इसी कारण इस तिथि को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्रीराम का जन्म कर्क लग्न और अभिजीत मुहूर्त में मध्यान्ह 12 बजे हुआ था। संयोगवश इस दिन अश्लेषा नक्षत्र, लग्न में स्वग्रही चंद्रमा, सप्तम भाव में स्वग्रही शनि, दशम भाव में सूर्य, बुध और शुक्र है और दिन बुधवार रहेगा। चंद्रमा में शनि स्वग्रही होने से मानसिक कष्टों का निवारण होगा। इसलिए इस दिन व्रत व पूजन करने से व्यक्तियों को विशेष फल मिलेगा। ग्रहों की यह युति योति इस दिन को मंगलकारी बनाएगी। इस दिन की गई पूजा और खरीदारी समृद्धिदायक और शुभता लाने वाली होगी। ज्योतिषियों के अनुसार पूजा के दौरान मास्क लगाना वर्जित नहीं है। कई प्रकार की पूजाएं मौन व्रत रखकर भी की जाती है।


रामनवमी पूजा मुहूर्त

- 11.22 से 1.55 - अवधि - 2 घंटे 34 मिनट

राम नवमी मध्याह्न क्षण - 12.38 बजे
नवमी तिथि का प्रारंभ - 21 अप्रेल को 12.43 बजे

नवमी तिथि का समापन - 21 अप्रेल को 12.35 बजे

madhulika singh Reporting
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