कुंभलगढ़ अभयारण्य में दिखी दुर्लभ प्रजाति की तितली, शोध कर रहे वैज्ञान‍िकों ने खोजी

- दक्षिण राजस्थान में शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने राजस्थान में नई तितली प्रजाति लाइलक सिल्वरलाइन को खोजा

By: madhulika singh

Updated: 29 Jun 2020, 03:12 PM IST

उदयपुर. दक्षिण राजस्थान में स्लॉथ बियर (भालू) पर शोध कर रहे उदयपुर अंचल के पर्यावरण वैज्ञानिकों ने एक नवीन प्रजाति की तितली को खोजा है। मेवाड़ के साथ ही राजस्थान में इस तितली को पहली बार देखा गया है।

उदयपुर में प्रवासरत इंटरनेशनल क्रेन फाउण्डेशन व नेचर कंजरवेशन फाउण्डेशन के पक्षी विज्ञानी डॉ. के. एस. गोपीसुंदर ने बताया कि प्रकृति संरक्षण फाउंडेशन की पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. स्वाति किट्टूर और मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के शोधार्थी नाथद्वारा निवासी उत्कर्ष प्रजापति ने कुंभलगढ़ अभयारण्य में स्लॉथ बीयर की पारिस्थितिकी पर शोध के दौरान दुर्लभ लाइलक सिल्वरलाइन नामक तितली को खोजा है।
हल्के पीले रंग की इस दुर्लभ तितली को दोनों शोधार्थियों ने गत दिनों जैव विविधता के लिए समृद्ध कुंभलगढ़ अभयारण्य की एक चट्टान पर सुबह-सुबह धूप सेंकते हुए देखा।

1880 में खोजी गई थी यह तितली
डॉ. गोपीसुंदर ने बताया कि वेब पोर्टल पर इसे अपलोड करने के बाद देश के कई वैज्ञानिकों व तितली विशेषज्ञों ने उनसे संपर्क किया और बताया कि जिस प्रजाति की तितली की तस्वीर खींची गई है वह बहुत ही दुर्लभ ‘लाइलक सिल्वरलाइन’ थी। उन्होंने बताया कि तितली की इस प्रजाति की खोज 1880 के दशक में की गई थी और इसे बेंगलूरु में मात्र एक की संख्या में ही देखा गया था। पर्यावरण वैज्ञानिक इस तितली प्रजाति को खोजने मात्र तक ही सीमित नहीं रहे अपितु उन्होंने इस तितली पर एक विस्तृत शोधपत्र भी तैयार किया, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति की शोध पत्रिका जर्नल ऑफ थ्रेटण्ड टेक्साज में 26 जून को ही प्रकाशित किया गया है।

madhulika singh Reporting
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