राजस्थान के बच्चों का भविष्य खतरे में, एक हजार से अधिक स्कूलों ने नहीं भेजे सत्रांक, राजस्थान बोर्ड अब रिजल्ट को लेकर करेगा ऐसा फैसला

उदयपुर . ऐसे में बोर्ड ऐसे हजारों बच्चों के परिणाम रोकने की तैयारी कर रहा है।

By: Jyoti Jain

Published: 24 May 2018, 03:07 PM IST

भुवनेश पण्ड्या /उदयपुर . राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा हुए लम्बा समय बीत गया, परिणाम आने शुरू हो गए, लेकिन अभी तक प्रदेश के करीब एक हजार स्कूलों ने बच्चों के सत्रांक ऑनलाइन नहीं किए हैं। ऐसे में बोर्ड ऐसे हजारों बच्चों के परिणाम रोकने की तैयारी कर रहा है।

 


उल्लेखनीय है कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा के ऑनलाइन सत्रांक भरने के लिए 8 अप्रेल तक एक माह का समय दिया गया था। दूसरी ओर विलम्ब शुल्क के साथ 15 अपे्रल और दुगुने शुल्क के साथ 22 अप्रेल किया गया। तीन बार मौका मिलने पर भी स्कूलों ने लापरवाही से सत्रांक ऑनलाइन नहीं किए। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि स्कूल ही बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहे हैं। अकेले उदयपुर ? जिले में ही 210 स्कूलों ने अपने बच्चों के सत्रांक ऑनलाइन नहीं किए हैं।

 


स्कूलों को चेताया कि खुद जिम्मेदार
माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने स्कूलों को चेताया है कि यदि 25 मई तक ये संत्राक ऑनलाइन नहीं किए गए, तो स्कूल स्वयं बच्चे के परीक्षा परिणाम रुकने के लिए जिम्मेदार होंगे। इतना ही नहीं यदि बच्चे का परिणाम रुकता है, तो आगे उसके प्रवेश से लेकर अन्य कई कार्य प्रभावित होते हैं, इसकी जिम्मेदारी भी स्कूलों को ही उठानी होगी। डिडेल ने सभी जिला शिक्षा अधिकरियों को आगाह किया है कि जिम्मेदारी के साथ ये कार्य पूर्ण हो, यदि नहीं होता है तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का तत्काल प्रस्ताव भेजा जाए।

 

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संभाग के 360 स्कूल
उदयपुर 210
बांसवाड़ा 54
चित्तौडगढ़़ 43
प्रतापगढ़ 42
राजसमन्द 7
डूंगरपुर 4

 

सिस्टम में परेशानी के कारण ये स्थिति बनी है, बोर्ड में तत्काल सूचना देकर इसे ठीक करेंगे। ऑनलाइन में लॉक होने में कुछ परेशानी है, हम जल्द इसका निरोकरण निकाल रहे हैं, किसी बच्चे का नुकसान नहीं होने देंगे।
नरेश डांगी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम,उदयपुर

 


ये संख्या वाकई चौकाने वाली है, जिन जिलों के सत्रांक ऑनलाइन दर्ज नहीं हुए है, उन डीईओ को पैनल्टी भरनी होगी। बोर्ड बगैर पैनल्टी के सत्रांक मंजूर नहीं करेगा। सभी डीईओ को तीन दिन के निर्देश दिए है, कि जरूरत पर व्यक्तिश: सत्रांक भेजकर बच्चों को नुकसान से बचाए।
भरत मेहता, उपनिदेशक माध्यमिक

Jyoti Jain
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