सरकारी जमीन पर कब्जों का नियमन महंगा, आवासीय-व्यावसायिक नियमन दरों में बढ़ोतरी

सरकारी जमीन पर कब्जों का नियमन महंगा, आवासीय-व्यावसायिक नियमन दरों में बढ़ोतरी

Mukesh Hingar | Publish: Dec, 02 2017 02:09:50 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

नगरीय विकास विभाग ने सरकारी और अवाप्तशुद जमीन पर कब्जों के नियमन के लिए नई दरें लागू कर दी है

उदयपुर . नगरीय विकास विभाग ने सरकारी और अवाप्तशुद जमीन पर कब्जों के नियमन के लिए नई दरें लागू कर दी है। इन दरों में बेस प्राइस आरक्षित दर का 25 प्रतिशत रखा है। नई दरें मार्च 2019 तक प्रभावी रहेंगी, इनमें 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ़ोतरी की जाएगी। नई दरों को लेकर यूआईटी उदयपुर को भी आदेश मिल गया है। नगरीय विकास विभाग के आदेश के तहत आवासीय व वाणिज्यिक प्रयोजनार्थ नियमन के लिए दरें अलग-अलग तय की गई है। सबसे खास बात यह है कि प्रकरणों के लिए निर्धारित पूर्व नियमन/रूपांतरण शुल्क की दरें ही प्रभावी रहेगी। धारा 90-ए के अन्तर्गत बने नियमों के नियम 9(1) तथा नियम 16 (4) के तहत अधिसूचित प्रीमियम दरें केवल धारा 90-ए के तहत निर्णित मामलों पर ही लागू मानी जाएगी। इसके अलावा गैर खातेदारी एवं चरागाह भूमि का नियमन अथवा आवंटन नहीं होगा।

 

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ऐसे तय की नई दरें
- नगरीय क्षेत्र जयपुर, जोधपुर , कोटा , अजमेर , उदयपुर, बीकानेर , अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा व भिवाड़ी में अवाप्त की जा चुकी भूमि के नियमन पर।
- आवासीय प्रयोजनार्थ नियमन की दरें : आवासीय आरक्षित दर का 25 प्रतिशत या 2000 रुपए प्रति वर्ग गज जो भी अधिक हो।
- वाणिज्यिक प्रयोजनार्थ नियमन की दरें : वाणिज्यिक आरक्षित दर का 23 प्रतिशत या 6500 रुपए प्रति वर्ग गज जो भी अधिक हो।
- नगरीय क्षेत्र जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर व भीलवाड़ा को छोडकऱ 50 हजार से अधिक जनसंख्या वाले शेष नगरीय क्षेत्र। जिन प्रकरणों में मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया ना कोर्ट में जमा कराया, ना भूमि का निकाय ने कब्जा लिया।
- आवासीय आरक्षित दर का 25 प्रतिशत या 1000 रुपए प्रति वर्ग गज जो भी अधिक हो।
- वाणिज्यिक आरक्षित दर का 25 प्रतिशत या 3500 रुपए प्रति वर्ग गज जो भी अधिक हो।
- नगरीय निकाय भिवाड़ी को छोडकऱ 50 हजार से कम जनसंख्या वाले शेष नगरीय क्षेत्र। जनसंख्या के तहत।

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