रोड़ सेफ्टी ऑडिट नहीं होने से बढ़ रहे हादसे...89 प्रतिशत ब्लेक स्पॉट का काम पेंडिंग...

रोड़ सेफ्टी ऑडिट नहीं होने से बढ़ रहे हादसे...89 प्रतिशत ब्लेक स्पॉट का काम पेंडिंग...

Krishna Kumar Tanwar | Publish: Sep, 08 2018 09:00:00 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

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चन्दन सिंह देवड़ा/उदयपुर.सडक़ दुघर्टनाओं के बढऩे के पीछे रोड़ सेफ्टी ऑडिट नहीं होना बड़े कारण के तौर पर उभर कर सामने आया है। बड़े प्रोजेक्ट में ऑडिट हो रही है लेकिन छोटे सडक़ मार्गो में अलग से बजट की कमी के कारण ऑडिट नही हो पाती है यह बात सडक़ सुरक्षा को लेकर टीआरआई सभागार में संभागस्तरीय कार्यशाला में पीडब्ल्यूडी के एसोसिएट चीफ इंजीनियर डीआर मेघवाल ने व्यक्त की। सडक़ सुरक्षा को लेकर जनता में यातायात नियमों की जानकारी के प्रति जागरूकता लाना आवश्यक बताया गया क्योंकि 80 प्रतिशत हादसों मे वाहन चालक की गलती होना पाया गया है। कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोड़ सेफ्टी को लेकर दी गई गाइड लाइन के हिसाब से तमाम एजेंसियों को कार्य करने के निर्देश भी इस कार्यशाला मे दिए गए। इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मन्नालाल रावत संभाग के तमात जिला परिवहन अधिकारी,पुलिस अधिकारी, रोड़ निर्माण करनें वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि,नगर निगम,यूआईटी,नगर पालिका,यूआईटी,चिकित्सा,शिक्षा समेत रिडकोर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रोड़ सेफ्टी के लिए यह जरूरी.....
कार्यशाला में पीडब्ल्यूडी के एसोसिएट चीफ इंजीनियर डीआर मेघवाल ने बताया कि रोड़ सेफ्टी के लिए बड़े प्रोजेक्ट में रोड़ सेफ्टी ऑडिट हो रही है ऐसी छोटे प्रोजेक्ट में भी प्रावधान होने चाहिए। इस ऑडिट के तहत सडक़ बनते समय हादसों को रोकने के लिए जंक्शन,डिवाइडर निर्माण का बेहद अहम कार्य हो पूरी निगरानी से हो सकता है ताकि बाद में उस मार्ग पर तकनिकी खामी से हादसे नही हो। वहीं दूसरा काम पुलिस की ओर से चिन्हित ब्लेक स्पॉट पर हादसे रोकने की दिशा में काम होना चाहिए जो आंकड़ो के हिसाब से 89 प्रतिशत पेंडिंग है। सबसे ज्यादा ब्लेक स्पॉट जहां हादसे होते है वह नेशनल और स्टेट हाईवे पर है। इसके अलावा हादसों में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इलाज मुहैया करवाना और जनता में सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के काम होने चाहिए।

 

 

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सख्ती के लिए 162 लाइसेंस सस्पेंड किए.......
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मन्नालाल रावत ने बताया कि सडक़ सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना,शराब पीकर वाहन चलाना,सीट बेल्ट का प्रयोग नही करना और सवारी गाड़ी में माल भरना जैसे मामलों में चालान काटने के साथ परिवहन विभाग को कॉपी भेजने के निर्देश दिए जा चूके है।इसकी पालना में 162 वाहन चालकों के लाइसेंस सस्पेंड किए ताकि संदेश जाए की सडक़ सुरक्षा नियमों की पालना हर हाल मे करनी है।

 

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