कोई भी काम नामुमकिन नहीं है...यह साबित कर दिखाया इस गांव के लोगों ने

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By: Krishna

Published: 15 Nov 2018, 08:17 PM IST

गोगुंदा. जहां चाह है वहां राह है। कोई भी काम नामुमकिन नहीं है बशर्तें उसे करने की ठान ली जाए। हां, शुरुआत में मुश्किलें जरूर आती है, लेकिन असंभव नहीं है। इसी को चरितार्थ दिखाया क्षेत्र के काछबा ग्राम पंचायत के देवड़ों का गुढ़ा के ग्रामीणों ने। गांव से श्मशान तक सडक़ बदहाल थी। बीच मार्ग में बड़े-बड़े पत्थर पड़े होने से शवयात्रा ले जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। इस समस्या से निजात पाने के लिए गांव के जागरूक लोगों ने मार्ग समतल करने की ठानी। जन सहयोग से चंदे के रूप में 90 हजार की राशि जुटाई गई। प्रथम चरण में एक्सक्वेटर की सहायता से मार्ग में पड़े बड़े-बड़ेे पत्थरों को हटाया गया व समतल सडक़ बनाने का कार्य शुरू किया। इस राशि में से 50 हजार रुपए किराया एक्सक्वेटर मशीन के चुकाए। ग्रामीणों का कहना था कि रोड पर डामर नहीं हो तो कोई बात नहीं अगर समतल भी हो जाएगी तो शव यात्रा ले जाने वाले ग्रामीणों को ठोकरें नहीं लगेंगी। बता दे कि गांव से श्मशान तक रास्ते का कुछ भाग चरागाह व खातेदारी में आ रहा था।

 

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गांव के हर घर से लिए 2500 रुपए

गांव के महेन्द्रसिंह ने बताया कि दो किलोमीटर पगडड़ी के सुधार के लिए प्रथम चरण के तहत तीन दिन एक्सक्वेटर की सहायता से खड़ी पहाड़ी को काटा गया। हालांकि अब भी रास्ते में बड़े पत्थर हटाने का कार्य और करना पड़ेगा। गांव से एक किलोमीटर दूरी पर श्मशान तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने से ग्रामीण परेशान थे। समस्या से सार्वजनिक निर्माण विभाग व पंचायत को अवगत कराने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही थी। देवड़ों का गुढ़ा के 32 घरों की बस्ती के ग्रामीणों ने प्रत्येक घर से 2500की राशि एकत्रित की। किसी परिवार ने ज्यादा राशि दी। कुल 90 हजार की राशि इकत्रित हो गई। शेष 40 हजार में से सडक़ पर ग्रेवल करने व बड़े पत्थरों को हटाने का कार्य कराया जाएगा। प्रयास किये जायेगे।

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