पद्मावत से लेकर महाराणा प्रताप तक, उदयपुर आयी साध्वी ॠतंभरा ने कही ये तीन बड़ी बातें जो हर मेवाड़वासी को जरूर जाननी चाहिए

उदयपुर। इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, लेकिन विरोध का तरीका भी सात्विक हो।

By: Dhirendra Kumar Joshi

Published: 26 Jan 2018, 09:20 AM IST

धीरेन्द्र कुमार जोशी /उदयपुर। इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, लेकिन विरोध का तरीका भी सात्विक हो। अपने रोष को व्यक्त करने के लिए स्वयं को आहत करना और राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। यह बात साध्वी ऋतंभरा ने उदयपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान पद्मावत फिल्म को लेकर हुए सवाल पर कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश के स्वाभिमान के प्रतीकों की प्रतिष्ठा के लिए संघर्ष करना जरूरी है, वरना हम अपना अस्तित्व खो देंगे।

 

 

udaipur

 

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सारी दिशाएं राम मंदिर निर्माण की तरफ जा रही हैं। उन्होंने धारा-370 को केसर की क्यारी में बारूद पैदा करने का साधन बताया। समान नागरिक आचार संहिता की वकालात करते हुए कहा कि एक देश और एक कानून सभी पर लागू होना चाहिए। उन्होंने आज की शिक्षा व्यवस्था को बकवास बताया और कहा कि आज तक जो पढ़ाया जा रहा है, वह हिंदुस्तान की पीढ़ी को हिंदुस्तान से दूर कर रहा है। बार-बार यह पढ़ाकर कि आर्य बाहर से आए। इससे नई पीढ़ी को भ्रमित किया जा रहा है ताकि उनके मन में मातृभूमि का भाव समाप्त हो जाए। उन्होंने टीवी चैनलों और शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि आज पांच साल का बच्चा टीवी देखऽर वासना का शिकार हो रहा है। पांच साल की बच्ची से लेकर 75 साल की वृद्धा तक सुरक्षित नहीं है। यह आध्यात्मिक संस्कारों की कमी का नतीजा है। इस स्थिति को शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन और भारत के आध्यात्मिक संस्कारों की दीक्षा शामिल करने से ही बदला जा सकेगा।

 

 

 

हमारी धरती के दो दंश हैं

हमारी धरती के कुछ दूषण हैं, एक तो बेटियों की पेट में हत्या और दूसरा गौमाता का कत्ल, जब तक ये दो दंश हैं कोई धार्मिक अनुष्ठान सफल नहीं हो सकता। बेटी है तो सभी रिश्ते हैं और गौमाता है तो देश का विकास है। यह बात साध्वी ऋतम्भरा ने बुधवार को भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने आह्वान किया कि हम कन्या भू्रण हत्या नहीं करने और नहीं करने देने का संकल्प ले, साथ ही गौमाता की सेवा व रक्षा का संकल्प भी लें। साध्वी ने बेटियों को सोने की अंगूठी में जड़े हीरे की उपमा दी। साध्वी ने देश में घट रहीं महिला अत्याचारों की घटनाओं को इंगित करते हुए कहा कि अपवाद और अपराध तो हर युग में रहे हैं चाहे वह त्रेता हो या द्वापर। आज भी ऐसी घटनाएं हैं जिसमें नशे में धुत्त रिश्तों को भी शर्मसार कर जाते हैं और इन कुछ अपवादों को भारत के दुश्मन बढ़ा-चढ़ा कर हर मन में कलुषता भरने का काम कर रहे हैं। यह हमारी संस्कृति को बदनाम करने वाली ताकते हैं जो देश की एकता पर इस तरह भी प्रहार कर रही हैं। साध्वी ने कहा कि मुर्गी का अंडा कामवासना से पैदा होता है और गौमाता का दूध वात्सल्य का प्रतीक है।

 

 

साध्वी ऋतम्भरा हुईं अभिभूत

साध्वी ऋतम्भरा ने देखा प्रताप गौरव केंद्र प्रताप गौरव केंद्र देख साध्वी ऋतम्भरा हुईं अभिभूत उदयपुर। साध्वी ऋतंभरा आज सुबह प्रताप गौरव केंद्र का अवलोकन करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की जीवंत झांकियों को देखा तो वह अभिभूत हो गई। हाड़ी रानी के बलिदान की गाथा सुनकर उन्होंने कहा कि मेवाड़ का इतिहास राष्ट्र को समर्पित त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है जिसका पूरे विश्व में कोई सानी नहीं है। उन्हें प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक ओमप्रकाश ने केंद्र की विभिन्न झांकियों व भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय तीर्थ है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होगा।साध्वी ने कहा कि यदि किसी को मेवाड़ का इतिहास और महाराणा प्रताप को जानना है तो उन्हें प्रताप गौरव केन्द्र जरूर आना होगा।

Dhirendra Kumar Joshi Reporting
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