बलिदानी माटी का पूजन, रणबांकुरों को नमन

बलिदानी माटी का पूजन, रणबांकुरों को नमन

Manish Joshi | Updated: 19 Jun 2018, 02:12:17 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

चावंड पहुंच कर मनाया हल्दीघाटी युद्ध दिवस, नन्हे बच्चों ने देशभक्ति कविताओं एवं गीतों से दी श्रद्धांजलि

उदयपुर .राजस्थान पत्रिका के अभियान 'आओ और बढ़ाएं प्रताप का मानÓ से प्रेरित होकर सोमवार को कई संस्थाओं व संगठनों ने हल्दीघाटी पहुंच कर एेतिहासिक हल्दीघाटी युद्ध दिवस पर दीपदान कर कालजयी योद्धा महाराणा प्रताप को नमन किया।


शिवदल के कार्यकर्ताओं ने हल्दीघाटी की पवित्र माटी एवं युद्ध के रणबांकुरों को नमन कर प्रताप के आदर्शों को अपनाने का प्रण लिया। शिवदल प्रमुख मनीष मेहता ने बताया कि मेवाड़ की आन बान शान की रक्षा के लिए 18 जून 1576 को हल्दीघाटी में ऐतिहासिक युद्ध हुआ था। कार्यकर्ता ऐतिहासिक 26 फीट चौड़े नाले के पास पहुंचे, जहां से प्रताप के प्रिय स्वामिभक्त चेतक घोड़े ने उनकी जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। कार्यकर्ताओ ने वहां दीपक जलाकर पुष्पांजलि अर्पित की। बाद में कार्यकर्ताओं ने खमनोर स्थित रक्ततलाई पहुंच कर नमन किया। इस अवसर पर धनराज भगोरा, भग्गालाल गमेती, सोमालाल मीणा, पिंटू कटारा, देव मीणा, विक्रम नकुम, शंकर कसारा, रमेश सिंघल, शांति लाल तेली ओर लव वैष्णव सहित शिव दल कार्यकर्ता उपस्थित थे। शाम को शिवदल की महिला शाखा रानी लक्ष्मीबाई प्रकोष्ठ ने घर-घर दीप जलाकर प्रताप को नमन किया।

बंडोली में संगोष्ठी
आईआईएफ एल फाउण्डेशन एवं गायत्री सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सराड़ा क्षेत्र के बंडोली ग्राम में महाराणा प्रताप की निर्वाण स्थली पर वीरता दिवस को संगोष्ठी हुई। शिक्षाविद् एवं गायत्री सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ.एनके पण्ड्या ने कहा कि प्रताप के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लें, यही सच्ची श्रदांजलि होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के संस्थापक लक्ष्मीनारायण पण्ड्या ने नन्हे बच्चों को हल्दीघाटी के महासमर की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि महाराणा स्मारक समिति, चावण्ड के पूर्व महामंत्री हीरालाल पटेल ने सराड़ा में महाराणा प्रताप के प्रवास की जानकारी देते हुए नन्हे बच्चों को व्यसन से दूर रहने का संकल्प दिलवाया। कार्यक्रम में केजड़ के प्राध्यापक गौतम लाल पटेल, शान्तिलाल शर्मा, परियोजना अधिकारी जिग्नेश दवे, डॉ. शैलेन्द्र पण्ड्या, मनीष शर्मा ने भी विचार प्रकट किए। पत्रिका के अभियान से प्रेरित होकर नन्हे बच्चों ने दीपदान एवं पुष्पांजलि कर प्रताप को नमन किया। उन्होंने देशभक्ति की कविताएं और गीत भी प्रस्तुत किए। इससे पूर्व सुबह आईआईएफ एल फाउण्डेशन की ओर से संचालित नि:शुल्क बालिका शिक्षा केन्द्रों की नन्हीं बालिकाओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुति एवं समूह ने नृत्य प्रस्तुत किए। अन्त में शिक्षकों एवं बालिकाओं को अतिथियों ने पारितोषिक दिए।


रक्ततलाई में श्रद्धांजलि
श्रीराम सेना प्रमुख गजेंद्रसिंह राठौड़ के नेतृत्व में संभागीय अध्यक्ष विजय आमेटज्ञ, जिलाध्यक्ष राजन मेघवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने खमनोर स्थित रक्ततलाई पहुंचकर रणबांकुरों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ रक्ततलाई में साफसफाई के साथ श्रमदान किया गया।


किया रक्तदान, जलाया दीप
हल्दीघाटी युद्ध तिथि पर पत्रिका से प्रेरित होकर रणस्थली रक्ततलाई मे पुष्पांजलि और रक्तदान शिविर हुए। हल्दीघाटी युद्ध में शहीद हुए सभी योद्धाओं को पंचायत समिति, जय मेवाड़ नवयुवक मंडल और अन्य संगठनों ने सुबह रक्त तलाई, पंचायत समिति परिसर, बस स्टैंड, चेतक स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर जय मेवाड़ नवयुवक मंडल खमनोर की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया, इसमें 18 युवाओं ने रक्तदान किया। इससे पूर्व दिवेर स्मारक पर एक शाम प्रताप के नाम भजन कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र के भजन गायक पिंटू सेन एवं उनकी मंडली ने प्रस्तुतियां दीं। महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से विजय स्मारक पर पहली बार प्रताप के जीवन से संबंधित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जो एक जुलाई तक जारी रहेगी। हल्दीघाटी पर्यटन समिति के सदस्यों ने रक्ततलाई पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। रणधरा रक्त तलाई में शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरूप दीप प्रज्वलित कर दीपांजलि अर्पित की गई।


रक्त तलाई में 5001 दीपों से स्मरणांंजलि
सुबह साढ़े आठ बजे पंचायत समिति परिसर में प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर रक्त तलाई सहित चेतक समाधि स्थित स्मारकों व राष्ट्रीय स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। प्रताप जयंती मेले के अंतिम दिन समापन समारोह के बाद शाम सात बजे हल्दीघाटी पर्यटन समिति की ओर से रक्त तलाई में शहीदों को 5001 दीप प्रज्वलित कर दीपांजलि दी गई। दीपक की रोशनी से रक्त तलाई जगमगा उठी।

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