3 महीने से केवल हिंदी-सामाजिक पढ़ा रहे, ग्रामीणों ने ठोका स्कूल पर ताला

3 महीने से केवल हिंदी-सामाजिक पढ़ा रहे, ग्रामीणों ने ठोका स्कूल पर ताला
3 महीने से केवल हिंदी-सामाजिक पढ़ा रहे, ग्रामीणों ने ठोका स्कूल पर ताला

chandan deora | Updated: 12 Oct 2019, 05:48:50 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

सीसारमा पंचायत के गोरेला स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सत्र शुरु हुए तीन महीने हो गए लेकिन 10वीं के छात्रों को हिंदी-सामाजिक के अलावा दूसरा विषय पढ़ाने वाला कोई नहीं

चंदनसिंह देवड़ा/ उदयपुर.सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता के ढिंढोरे तो खूब पीटे जा रहे है लेकिन कहीं-कहीं स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों की किताबें तक नहीं खुली है। ऐसा ही मामला शहर से सटे सीसारमा पंचायत के गोरेला स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय का है। सत्र शुरु हुए तीन महीने हो गए लेकिन 10वीं के छात्रों को हिंदी-सामाजिक के अलावा दूसरा विषय पढ़ाने वाला कोई नहीं। ग्रामीणों ने इससे खफा होकर शुक्रवार को प्रदर्शन कर स्कूल पर ताला ठोक दिया। हंंगामे की सूचना पर पहुंची सीबीईओ गिर्वा मधुमाथुर द्वारा समझाइश की गई तब ग्रामीण और बच्चे माने उसके बाद स्कूल शुरु हो पाया।

10वीं पढ़ाने वाले 4 शिक्षक नहीं...

कक्षा 1 से 10वीं तक इस विद्यालय में 268 विद्यार्थी नामांकित है। दसवीं में 27 बच्चे पढ़ते है। बोर्ड कक्षा होने के बावजूद यहां गणित और संस्कृ त के पद खाली पड़े है। अंग्रेजी और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक मेडिकल पर है ऐसे में बच्चे केवल हिंदी और सामाजिक पढ़ रहे है। पद रिक्त होने से कभी कभार संस्थाप्रधान विंची चाको गणित पढ़ा रही है। स्कूल में 10 शिक्षकों के पद स्वीकृत है। बच्चों ने जब इसकी शिकायत ग्रामीणों को की तो शुक्रवार को उपसरपंच समेत कई ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और ताला लगा प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने कुछ शिक्षकों का आपसी व्यवहार ठीक नहीं होने की बात भी शिक्षा अधिकारियों को बताई।

इनका कहना....

विद्यालय में शिक्षक आपस में झगड़ते है हमें उन्हे समझाने जाना पड़ता है। गत साल भी 50 प्रतिशत बोर्ड परिणाम रहा। इस बार भी कोई पढ़ाई नहीं हो रही है। शिक्षक देरी से आते है। संस्थाप्रधान के अलावा कोई गंभीर नहीं ऐसे में जल्द शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन करेंगे।

गजेन्द्र गुर्जर उपसरपंच,सीसारमा

विषय अध्यापकों के 2 पद खाली है और दो मेडिकल पर है इससे पढ़ाई संबंधी कार्य में दिक्कत पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। मैं स्वयं 10वीं को गणित विषय पढ़ा रही हूं। मैने अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत करा दिया है।

विंची चाको, संस्थाप्रधान रामावि गोरेला

छात्रों ओर ग्रामीणों की शिकायत है कि शिक्षक आपस में झगड़ते है,देरी से आते है, पढ़ाई नहीं हो रही इस पर सभी को पाबंद किया है। गणित-संस्कृत के वैकल्पिक शिक्षक लगाएंगे,संस्थाप्रधान का काम बेहतर है।

मधु माथुर, सीबीईओ गिर्वा

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