श्राद्ध पक्ष कल से, पितरों का होगा पूजन, 7 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र

6 अक्टूबर तक रहेगा पितृ पक्ष

By: madhulika singh

Published: 19 Sep 2021, 04:17 PM IST

उदयपुर. श्राद्ध पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से आरंभ होकर आश्विन मास की अमावस्या तिथि तक हैं। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष 20 सितंबर से आरंभ होकर 6 अक्टूबर तक चलेगा, इसमें 27 सितंबर को किसी भी प्रकार का श्राद्ध कर्म नहीं होगा, अत: यह दिन पड़त का रहेगा। श्राद्ध पक्ष खत्म होने पर 7 अक्टूर से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे।


पितरों के निमित्त भगवान विष्णु का पूजन

पं. जितेंद्र त्रिवेदी जोनी के अनुसार यह पक्ष विशेष रूप से पितरों को समर्पित है। जिनकी कुंडली में पितृदोष अथवा पितृ श्रापित कुंडली हो उनको इस पक्ष में विशेष रूप से पितरों के निमित्त भगवान विष्णु का पूजन सत्येश के रूप में करके पिंडदान व तर्पण करना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में यूं तो सभी तिथियां अपने आप में महत्व की है, लेकिन विशेष रूप से पंचमी, नवमी, चतुर्दशी व सर्वपितृ अमावस्या के दिन अवश्य रूप से तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध कर्म करना चाहिए, जिससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है। नि:संतान स्त्री-पुरुषों के लिए तो यह पखवाड़ा किसी औषधि से कम नहीं अत: उन स्त्री-पुरुषों को विशेष रूप से पितृ पूजन करवाना चाहिए, जिससे उन्हें संतान की प्राप्ति हो सके।

श्राद्ध पक्ष की तिथियां -
श्राद्ध पक्ष पूर्णिमा 20 सितंबर - सोमवार से प्रारंभ

एकम या प्रतिपदा 21 सितंबर - मंगलवार
द्वितीय 22 सितंबर - बुधवार

तृतीया 23 सितंबर - गुरुवार
चतुर्थी 24 सितंबर - शुक्रवार

पंचमी 25 सितंबर - शनिवार
षष्ठी 26 सितंबर - रविवार

सप्तमी 28 सितंबर - मंगलवार
अष्टमी 29 सितंबर - बुधवार

नवमी 30 सितंबर - गुरुवार
दशमी 1 अक्टूबर - शुक्रवार

एकादशी 2 अक्टूबर - शनिवार
द्वादशी 3 अक्टूबर - रविवार

त्रयोदशी 4 अक्टूबर - सोमवार
चतुर्दशी 5 अक्टूबर - मंगलवार

सर्वपितृ अमावस्या 6 अक्टूबर - बुधवार
वहीं माता महा श्राद्ध 7 अक्टूबर नवरात्र स्थापना के पहले करना उचित रहेगा तथा इसी दिन से नवरात्र आरंभ अर्थात घट स्थापना होगी।

madhulika singh Reporting
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