तस्वीरें जरूर देखे : लेकसिटी के सूरजपोल पर स्मार्ट टेबल टॉप चुभने लगे, कुल 9 बनेंगे

जनता बोली, वहां परेशानियां बढ़ेगी न की सुगमता होगी

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 30 Jun 2020, 11:00 AM IST

उदयपुर. सूरजपोल चौराहा पर विशालकाय टेबल टॉप बनाने का काम तेजी से चल रहा है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के दोनों छोर की तरफ की तरफ मुख्य सडक़ पर टेबल टॉप बना दिए गए है और अभी ये करीब 7 अलग-अलग स्थानों पर बनेंगे। टेबल टॉप की साइज अभी से लोगों को चुभने लगी है, परेशान हो गए है और आगे क्या होगा अभी उसकी चिंता करने लगे है। व्यापारी कहते है कि पहले से चौराहा को और बड़ा कर दिया है और अब ये टेबल टॉप की साइज ने मुश्किलें सामने खड़ी कर दी है। पार्षद से लेकर व्यापारियों ने कहा कि यहां कुछ कार्य तो ऐसे हो रहे जिस पर बेवजह पैसा खर्च किया जा रहा है। दूसरी तरफ उदयपुर स्मार्ट सिटी कंपनी का कहना है कि टेबल टॉप से वाहनों की गति नियंत्रित होगी और पैदल रोड पार करने वालों के लिए सुगमता होगी।
असल में सूरजपोल चौराहा पर जब से कार्य शुरू हुआ तब से कुछ न कुछ विरोध होता रहा है। अभी वहां टेबल टॉप की ऊंचाई से वहां से गुजरने वाले शहरवासी व व्यापारियों को चिंता होने लगी है। वे बेरियर के रूप में उसे बताते है और कहते है कि वैसे भी वाहनों की कतारें लगने से यहां वाहन जाम जैसी स्थिति से निकलते है ऐसे में ये गति नियंत्रण के लिए जरूरी नहीं है। वे कहते है कि पहले रैलिंग लगाई उसे हटाया, बेवजह इसको चौड़ा कर दिया जिससे सडक़ संकरी हो गई है।

सूरजपोल चौराहा एक नजर में

समझे टेेबल टॉप
स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों के अनुसार वाहनों की स्पीड पर अंकुश लगाने के लिए टेबल टॉप बनवाए जा रहे है। इससे वाहनों की रफ्तार कम रहेगी। साथ ही पैदल चलने वाले राहगीर बिना डरे सडक़ के एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकेंगे। सूरजपोल चौराहा पर दो टेबल टॉप तो पूरे होने वाले है। इसके अलावा चौराहा पर ही उदयपुर होटल, सेवाश्रम मार्ग, टाउनहॉल मार्ग, गुलाबबाग मार्ग, बापूबाजार मार्ग, अस्थल मार्ग की तरफ व पुलिस चौकी व सर्कल के बीच भी बनेंगे।

ऐसे होंगे टेबल टॉप

असुविधाएं ज्यादा होगी

इन सबसे आवाजाही में असुविधाएं होगी। टेबल टॉप से वाहन गुजरेंगे तो कैसे रोड पैदल चलने वाला रोड क्रॉस करेंगा। इसके अलावा वाहनों का दबाव ही बहुत ज्यादा है, सडक़ छोटी हो गई है तो फिर इसकी जरूरत कहा है। पहले ही चौराहा बड़ा कर दिया है और परेशानियां बढ़ गई है।
- जतिन अरोड़ा, व्यापारी

वैसे जरूरत नहीं

इनकी जरूरत नहीं है। जर्बदस्ती का पैसा लगाया जा रहा है। यहां वैसे ही वाहन रुकते-रुकते चलते है, कोई मतलब नहीं होगा। इस पर विचार करना चाहिए।
- प्र्रदीप मेहता, सूरजपोल चौराहा व्यापार मंडल

सब जगह सर्कल छोटे कर रहे और हम बड़े कर रहे

एजेंसी इस क्षेत्र के व्यापारियों व लोगों के साथ पहले राय लेनी चाहिए। पूरा प्लान रखना चाहिए था। बड़ी बात तो यह है कि काम करना हो तब नगर निगम व स्मार्ट सिटी एक और आरटीआई में सूचना मांगी तो इधर-उधर डाल दी और सूचना नहीं दी। दुनिया में सर्कल छोटे किए जा रहे है और यहां बड़े कर रहे है।
- प्रदीप श्रीमाली, भाजपा नेता

पार्षद को भी नहीं बता रहे

रैम्प जैसे बना दिए गए है। इनकी जरूरत तो नहीं है। किसी सोच से बना रहे है और क्या प्लान है यह मुझ जनप्रतिनिधि को भी नहीं बताया। नगर निगम की बोर्ड बैठक में मैने पूछा लेकिन अभी तक कुछ नहीं बताया।
- गौरव प्रताप सिंह, पार्षद

खुद के प्रस्तावों के खिलाफ कर रहे काम

स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव में 19 जगह यातायात लाइट लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह काम स्मार्ट सिटी के प्रस्तावों के खिलाफ है। पहले कहा कि चौराहों पर टैफिक लाइट लगाएंगे और अब उसे हटाने का काम कर रहे है। पैदल चलने वालों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
- महेश शर्मा, एक्सपर्ट

तकनीकी दृष्टि से देख लें

कुछ लोगों ने मुझे भी बताया है। रोड की चौड़ाई भी कम बता रहे है लेकिन मेरा तो इतना मानना है कि तकनीकी दृष्टि से देख लेना चाहिए।
- दिनेश भट्ट, पूर्व अध्यक्ष भाजपा शहर जिला

ऐसे होंगे टेबल टॉप

सारा काम टैफिक स्ट्डी व तकनीकी राय से

असल में टेबल टॉप स्मूथ होते है। गाड़ी धीरे से चढ़ती है और आगे आसानी से उतर जाती है। दिन में वाहनों की गति भी धीमी होगी और पैदल रोड पार करने वालों को मदद मिलेगी। रात के समय वाहनों की गति के नियंत्रण में यह बहुत कारगर होंगे। इस चौराहा पर जो काम किया जा रहा है वह टैफिक स्ट्डी व तकनीकी राय के अनुसार ही हो रहा है। दिल्ली के बड़े चौराहा की तरह आईआरसी कोड के साथ इसे किया जा रहा है।

- कमर चौधरी, सीइओ स्मार्ट सिटी कंपनी

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