आवश्यक सेवा का पास लगाकर की जा रही खेर की लकड़ी की तस्करी

5 लाख की अवैध लकडिय़ों से भरा ट्रक पकड़ा

By: surendra rao

Updated: 29 May 2020, 06:34 PM IST

उदयपुर. खेरवाड़ा. पुलिस ने गुरुवार को खेर की अवैध लकडिय़ों से भारा ट्रक जब्त किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला के निर्देशन में वृताधिकारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में खेरवाड़ा थानाधिकारी भरत योगी के मय जाब्ता के आधार पर एक ट्रक को गोदावरी नाका के पास नाकाबंदी में पकड़कर ट्रक को चैक किया तो ट्रक के अन्दर अवैध खैर की लकड़ी के भरे गट्टे पाए गए। उनका वजन कराया गया तो करीब 14 टन खैर की लकड़ी होना पाया । ट्रक चालक से लकड़ी के बारे में पूछताछ की गई तो कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया। इस पर चालक अहमद पिता अब्दुल हकीम मेव मुसलमान निवासी गण्डुरी थाना नगीना जिला नुह, हरियाणा एवं कासम पिता जीमल मुसलमान निवासी जलालपुर थाना नगीना, जिला नुह हरियाणा को गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक कैलाशचन्द्र विश्नोई ने हाईवे पर तस्करी की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में खेरवाड़ा थाना पुलिस द्वारा एक ट्रक में करीब 14 टन अवैध खैर की लकडिय़ों को जब्त किया जाकर दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शुदा खैर की लकडियों की कीमत करीब 15 लाख रूपए है। प्रारम्भिक पूछताछ पर अभियुक्तों ने उक्त लकड़ी खैरवाड़ा व बावलवाडा के आसपास के जंगलों से भरना बताया तथा चित्तौड़ की तरफ ले जाना बताया। पुलिस ने इस सम्बन्ध में अगिम अनुसंधान शुरू कर दिया है। तस्करों से जब्त किये उक्त ट्रक के आगे आवश्यक सेवा सब्जी का पास लगाकर लॉक डाउन का फायदा उठाने की नीयत से ट्रक में अवैध खैर की लकडिय़ां परिवहन कर रहे थे एवं तस्करों ने ट्रक पर तिरपाल लगा रखा था ताकि ट्रक को कोई पुलिस चैक पोस्ट पर रोक कर चैक नहीं करें।
पान मसाला व गुटखे में कत्थे की जगह प्रयोग: खैर की लकड़ी को पान मसाला, गुटखे में कत्थे की जगह प्रयोग में लाया जाता है। वर्तमान में लॉक डाउन के कारण पान मसाला व गुटखे की कालाबाजारी होने के कारण उनकी कीमते बढऩे से खैर की लकड़ी की काफी डिमाण्ड होने के कारण इसकी तस्करी की जा रही है। इससे तस्करों को मोटा मुनाफा होता है। वहीं खैर की लकड़ी उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षैत्र में बहुतायात में थी जो अब धीरे धीरे खत्म सी हो गई हैं। प्राचीन समय में उदयपुर जिले का खैरवाड़ा क्षैत्र खैर की लकडियों के जंगलों से भरा हुआ था । किन्तु तस्करों एवं स्थानीय लोगों ने अपनी कमाई के पीछे इन कीमती जंगलों को नष्ट करने में लगे हुए है।

surendra rao Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned