छात्रसंघ चुनाव: महंगी पड़ी चुनावी मदद, पुलिस ने पहुंचा दिया हवालात

सुविवि की सख्ती : प्रत्याशियों के प्रचार में कुछ युवा बिना आईडी परिसर में हुए थे दाखिल

By: Krishna

Published: 22 Aug 2017, 06:21 PM IST

उदयपुर.  सुखाडि़या विश्वविद्यालय की सख्ती उम्मीदवारों के कुछ समर्थकों के लिए महंगी पड़ गई, जब चुनावी नियमों का उल्लंघन कर कॉलेज परिसरों में प्रचार प्रसार कर रहे बाहरी युवाओं को पुलिस ने धरदबोचा।  

पहचान पत्र के अभाव में पुलिस ने उन्हें शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर सीधे हवालात का रास्ता दिखाया। फिर एडीएम सिटी के समक्ष पेश  किया गया। युवाओं की गिरफ्तारी को लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों ने विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। चुनावी दंगल में बाहरी युवाओं की बढ़ती दखल पर लगाम लगाने के लिए विवि प्रशासन ने कुछ दिन पहले विद्यार्थियों को पहचान पत्र जारी किए गए थे।

 

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बाहरी आए तो भुगतेंगे परिणाम
सुविवि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. मदनसिंह राठौड़ ने कहा कि बाहरी युवक संघटक महाविद्यालयों व विवि परिसर में प्रचार करने नहीं आए। विवि प्रशासन की ओर से सख्ती बरती जा रही है। पुलिस प्रशासन भी मुस्तैदी दिखा रहा है। अगर कोई भी बाहरी युवक प्रचार करता पकड़ा गया तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। जिसकी जिम्मेदारी स्वयं युवक की रहेगी।

 

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कार्ड पहनकर आने लगे विद्यार्थी
संघटक महाविद्यालयों में कार्ड बांटे जाने के बाद व सख्ती के चलते विद्यार्थी काड्र्स पहनकर आने लगे हैं। इसके लिए इस बार कार्ड्स के साथ आईडी बेल्ट भी दिए गए है। विद्यार्थी की
पहचान के लिए सभी महाविद्यालयों में बेल्ट कलर अलग-अलग रखा गया है।

 

दस उपलब्धियां गिनाने में भी आया जोर
छात्रसंघ चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की आेर से विद्यार्थियों को लुभाने के लिए कई लुभावने वायदे किए जाते हैं, लेकिन उनमें से गिने चुने ही पूरे होते हैं। गत सत्र में केन्द्रीय एवं महाविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे छात्रनेता अपने समर्थक एवं पार्टी प्रत्याशियों को जिताने का दम भर रहे हैं। वे छात्र हित में किए गए कार्यों को आधार बनाकर वोट मांग जा रहे हैं। उनकी उपलब्धियों को जानने के लिए राजस्थान पत्रिका ने सुविवि एवं संघटक महाविद्यालय, एमपीयूएटी व एमजी कॉलेज के पूर्व अध्यक्षों से उनके कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड मांगा तो वे दस बड़े काम भी बमुश्किल गिना पाए।

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