VIDEO : लेकसिटी में डिस्ट्रिक्ट सेंटर राणा प्रतापनगर व्यवसायिक योजना का 19 साल बाद रास्ता साफ

योजना में कुल साढ़े छह लाख वर्ग फीट जमीन

By: Mukesh Hingar

Updated: 11 Sep 2021, 08:14 AM IST

मुकेश हिंगड़
उदयपुर. राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन के सामने की तरफ डिस्ट्रिक्ट सेंटर राणा प्रतापनगर व्यवसायिक योजना बनाने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 19 साल पहले यूआईटी योजना लेकर आई लेकिन मामला कोर्ट कचहरी में चला गया। अब सुप्रीम कोर्ट से यूआईटी केस जीत गई। करीब साढ़े छह लाख वर्ग फीट जमीन जमीन वाली इस योजना में केस जीतते ही यूआईटी ने अब कब्जा लेने की तैयारी कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में फैसला यूआईटी के पक्ष में आने के बाद यूआईटी ने इस पर काम शुरू कर दिया और सोमवार से वहां कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जमीन अवाप्ति का कार्य और उसका अवार्ड पहले ही जारी हो चुका है। यूआईटी पूरी तैयारी में है कि जो अवार्ड नहीं लेंगे उनका अवार्ड कोर्ट में जमा करा सकते क्योंकि अब पूरा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट से निस्तारित हो चुका है। यूआईटी इस योजना से अपनी तिजोरी में बड़ा राजस्व जमा करेगी।

पूरा मामला समझे
यूआईटी ने डिस्ट्रिक सेंटर राणा प्रतापनगर के लिए 2002 में अधिसूचना निकालने के साथ ही अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद 2005 में अवार्ड जारी कर दिए। यूआईटी कब्जा नहीं ले पाई क्योंकि प्रभावित हाईकोर्ट से स्टे लेकर आ गए, आदेश यूआईटी के पक्ष में नहीं हुआ तो यूआइटी डबल बैंच में गई और वहां पर भी प्रभावितों के पक्ष में फैसला गया। बाद में यूआईअी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली जहां यूआईटी जीत गई।


योजना को समझे

यूआईटी 2002 में डिस्ट्रिक्ट सेंटर राणा प्रतापनगर व्यवसायिक योजना लेकर आई। इसमें करीब साढ़े छह लाख वर्ग फीट जमीन करीब 20 खातेदारों की है। अब इसमें से योजना में सडक़े व अन्य सुविधाओं को निकालने के बाद करीब 1,86,200 वर्ग फीट जमीन पर योजना विकसित की जाएगी। इसके तहत वहां व्यवसायिक योजना बनाकर यूआईटी नीलाम करेगी।


गणेश जैन छात्रावास के पीछे का इलाका
यूआईटी के जानकारों के अनुसार यह योजना राणा प्रताप नगर स्टेशन के सामने के तरफ की है। इसमें रेलवे ग्राउंड से सटकर गणेश जैन छात्रावास के पीछे का इलाका है। कुछ भाग मुख्य सडक़ से भी जुड़ा है।

VIDEO : लेकसिटी में डिस्ट्रिक्ट सेंटर राणा प्रतापनगर व्यवसायिक योजना का 19 साल बाद रास्ता साफ

300 करोड़ की कमाई
यूआईटी इस योजना को लेकर अब काम शुरू करेगी। अभी बाजार की अनुमानित दर उस क्षेत्र में करीब 15 हजार रुपए स्कवायर फीट मानी जा रही है। प्लान पूरा तैयार होने के बाद यूआईटी नीलामी करेगी। यूआईटी को इससे करीब 300 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा ऐसी संभावना जताई जा रही है।

इनका कहना है....
यूआईटी इस बरसों पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट में जीत गई है। अब हम आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सबसे पहले वहां कब्जा लेने का काम करेंगे उसके बाद योजना को मूर्त रूप देने का काम शुरू करेंगे।
- अरुण कुमार हासिजा, सचिव यूआईटी

Mukesh Hingar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned