उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय का मामला...खून के सौदागरों के डर से भयभीत दिखा ग्रामीण युवक

उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय का मामला...खून के सौदागरों के डर से भयभीत दिखा ग्रामीण युवक

madhulika singh | Publish: Jan, 14 2018 01:46:54 AM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 02:12:08 AM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

पीडि़त पक्ष के बयान लेने पहुंची चौकी पुलिस

उदयपुर . रवींद्रनाथ टैगोर राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित महाराणा भूपाल और पन्नाधाय राजकीय महिला चिकित्सालय परिसर में 'खून के सौदागरों की सक्रियता पर पुलिस की पड़ताल शुरू हो गई है। राजस्थान पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन को गंभीरता से लेते हुए हाथीपोल थाना पुलिस ने शनिवार को सौदागरों के चुंगल से बचे माना तालाब, लसाडि़या निवासी प्रसूता लीला के पति हरीश मीणा के बयान दर्ज किए।

 

READ MORE : Breaking: उदयपुर के सज्‍ननगढ़ बायो पार्क की पैंथर ‘रानी’ हमेशा के ल‍िए खामोश, बीमारी से हुई मौत

 

पूछताछ को पहुंचे हॉस्पिटल चौकी के जवान को देखकर एक बारगी हरीश कुछ घबराया, परंतु बाद में उसने खून के सौदागरों की दादागिरी, मोबाइल से संपर्क, फोटोकॉपी और ज्यूस के दुकान के बाहर उपस्थिति और उसके काका को बंधक बनाने की बात कही। उसने पुलिस को बताया कि सौदागरों ने 5 हजार का सौदा कर उससे एक हजार रुपए ही लिए। शेष राशि लेने से पहले ही अखबार के प्रतिनिधियों की

 

उपस्थिति को देखते हुए आरोपित भाग लिए।
पुलिस अपने स्तर पर लंबे और मोटे व्यक्ति की पहचान में जुटी है। इसी तरह रुपए लेने के लिए हरीश को ढूंढने में लगी संविदा महिला कर्मचारी एवं अन्य लोगों की तलाश के लिए पुलिस पीडि़त हरीश के मोबाइल पर आए नंबरों की डिटेल जुटाकर उन्हें चिह्नित करने में पुलिस जुट गई है। हरीश ने बताया कि उसकी पत्नी जनाना चिकित्सालय और नवजात बेटी एमबी हॉस्पिटल के नर्सरी वार्ड संख्या 14 में भर्ती है। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 12 जनवरी के अंक में 'गरीब जिंदगी का सौदा, खून से कमाईÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर प्रशासनिक अमले का ध्यान खामी की ओर आकर्षित किया था।

 

सफाई ठेका एजेंसी को कार्रवाई के निर्देश
जनाना चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. सुनीता माहेश्वरी की ओर से गठित टीम फिलहाल मामले में रिपोर्ट नहीं दे सकी है। दूसरी ओर चिकित्सालय के नर्सिंग अधीक्षक पन्नाराम पवांर की ओर से गठित जांच कमेटी ने उसकी रिपोर्ट में घटना की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट में घटना के समय ड्यूटी पर तैनात महिला नर्सिंग सुपरवाइजर ने उसेघटना की जानकारी नहीं मिलने की बात कही है। जांच कमेटी की पुष्टि के बाद नर्सिंग अधीक्षक ने सफाई ठेका एजेंसी के प्रोपाइटर से संबंधित संविदा महिला कर्मचारी को पाबंद करने या फिर बाहर का रास्ता दिखाने की बात कही है। नर्सिंग अधीक्षक पन्नाराम ने कहा कि सोमवार को उनकी ओर से चिकित्सालय अधीक्षक को यह खत लिखा जाएगा।

 

नर्सरी प्रभारी व ब्लड बैंक से मांगेंगे जवाब
शनिवार को अवकाश के चलते प्रशासनिक कामकाज स्थगित रहे। लेकिन, चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. विनय जोशी ने कहा कि मामले में नर्सरी प्रभारी एवं ब्लड बैंक प्रशासन से घटना की जानकारी को लेकर जवाब मांगा जाना है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय गेंग के खिलाफ थाने में एफआईआर कटाई जाएगी ताकि चिकित्सालय में आम आदमी के साथ लूट नहीं हो।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned