कोरोना की ‘मांद’ में घुसकर कर रही हैं दो-दो हाथ ये मां, बहन और बेटियां

- कोरोना ब्लॉक में हर फ्लोर की प्रभारी है महिला चिकित्सक -

- यहां भी हम नहीं पीछे

By: bhuvanesh pandya

Updated: 18 Apr 2020, 12:03 PM IST

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. जिस जिले की कमान दो बेटिया आईजी बिनिता ठाकुर और जिला कलक्टर आनन्दी बखूबी संभाल रही है, उस जिले से कोरोना को भगाने का जिम्मा भी बेटियों ने ही उठा रखा है। जिसका नाम सुनकर आज पूरी दुनिया की रूह कांप रही है, उसी कोरोना की मांद में घुसकर ये मां, बहन और बेटियां सीधा लोहा ले रही हैं। ये ना सिर्फ अपने-अपने घर और समाज की धुरी है, बल्कि ये वे चेहरे है जो कोरोना ब्लॉक में भर्ती मरीजों को जीवनदान देने के लिए दिन रात जुटी हुई हैं। खास बात ये है कि हॉस्पिटल के कोरोना ब्लॉक के हर फ्लोर की ये प्रभारी चिकित्सक हैं। हॉस्पिटल में भले ही पुरुष चिकित्सकों की कमी नहीं है, लेकिन जहां कोविड-19 को आंगन से भगाना है तो ये जिम्मेदारी भी उसी ने उठा ली है जो घर में उजियारा करती है।

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संभागीय चिकित्सालय में कोरोना निशाना तो कमान है इनके हाथ ये न थक रही हैं, न हार रही हैं, और ना ही टूट रही हैं। उसे परास्त करके ही दम लेंगी, इस जज्बे और साहस से ये सामना कर रही हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं उदयपुर सम्भाग में कोरोना मरीजों के सबसे बड़े सेंटर महाराणा भूपाल चिकित्सालय में बने कोरोना ब्लॉक में कार्यरत उन प्रभारी चिकित्सकों की। जो खुद की जान की परवाह किए बगैर लड़ रही हैं, वे उन्हें जानती तक नहीं। उनके लिए अगर कोरोना काळ है तो ये लेडी डॉक्टर उनके आड़े भगवान बनकर खड़ी हैं। यही उनका रिश्ता है, बस इतना उनसे वास्ता है।

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ये है प्रभारी चिकित्सक

- डॉ अंशु शर्मा- प्रभारी माइक्रोबायोलॉजी लैब- हॉस्पिटल में जितने भी कोरोना टेस्ट के लिए नमूने आ रहे हैं, सभी की रिपोर्ट ये ही दे रही है। लैब में नमूनों का एनालेसिस कर आगे की क्या रणनीति होनी चाहिए, सब ये ही तय करती हैं। फिलहाल 12 घंटे ड्यूटी कर रही हैं।...

- डॉ नीरा सामर- प्रभारी कोरोना ग्राउण्ड फस्र्ट व सैकंड फ्लोर- बकौल डॉ नीरा वे सुबह नौ से रात नौ बजे तक नियमित काम कर रही हैं। घर हम नहीं जा रहे हैं, क्वारंटाइन में गेस्ट हाउस में रह रही हैं। डॉ सामर की दो बेटियां है, बड़ी बेटी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी कर रही है दूसरी बारहवीं कक्षा में है। इस समय बच्चों को वह खूब मिस करती हैं। घर के काम उनके पति व परिवार के अन्य सदस्य संभाल रहे हैं।...

- डॉ बबीता कांवट: स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में कोरोना ब्लॉक के पांचवें फ्लोर की प्रभारी चिकित्सक हैं। जब भी कोई गर्भवती संदिग्ध मरीज आता है तो तत्काल उनकी टीम उन्हें संपर्क करती है और वे इस पर ऑन कॉल पहुंचती है। बकौल डॉ बबीता उनका वार्ड पूरी तरह से तैयार है, और टीम भी।...

- डॉ सोनल भाटी: आईएलआई ओपीडी में बतौर प्रभारी कार्यरत हैं। ये कोरोना ब्लॉक के ठीक सामने संचालित है। यहां वे अपराह्न तीन बजे से रात नौ बजे तक काम देखती है, जो आईएलआई मरीज पहुंचते हैं, उसमें यदि कोई बेहद गंभीर होता है तो तत्काल उसे कोरोना ओपीडी भेजा जाता है। बकौल डॉ सोनल उनके पति भी चिकित्सक है, इसलिए समझते हैं...

- डॉ श्वेता नागदा- थर्ड और फोर्थ फ्लोर की प्रभारी हैं। यहां कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती है। तो यदि कोई बेहद गंभीर मरीज होता है उसे आईसीयू में शिफ्ट करना होता है। डॉ श्वेता ने बताया कि वह इस काम को करने के साथ ही अपनी डॉक्टरी कर रही बेटी और निजी हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर बेटे के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, वह एक प्रेरक जीवन गढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इस तरह की ड्यूटी से घबराना कैसा। वह इन दिनों घर नहीं जाकर क्वारंटाइन में रह रहे हैं।...

bhuvanesh pandya Reporting
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