ये कैसा अस्पताल, यहां प्रसव होते, लेकिन जांचें नहीं

ये कैसा अस्पताल, यहां प्रसव होते, लेकिन जांचें नहीं
ये कैसा अस्पताल, यहां प्रसव होते, लेकिन जांचें नहीं

pankaj vaishnav | Updated: 14 Sep 2019, 02:32:15 AM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

हेल्पर करता एक्स-रे, सोनोग्राफी मशीन पड़ी बंद, सलूम्बर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल, दो साल से रेडियोग्राफर नहीं

- केंद्र का नाम - राजकीय सामान्य चिकित्सालय सलूंबर
- स्थापना- वर्ष 2009 में 100 बेड का अस्पताल बना

- चिकित्सक व स्टाफ - स्वीकृत पद 25, कार्यरत 10, नर्सिंगकर्मी 31 में से 15 कार्यरत, रेडियोग्राफर के सभी 6 पद रिक्त
- प्रतिदिन रोगी- 600 से अधिक मरीज

- पेराफेरी के गांव- डाल, देवगांव ,शेषपुर, झल्लारा, बस्सी, खेराड़, ईसरवास, गामड़ापाल, करावली आदि।

सलूंबर . सरकार की ओर से नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क जांच समेत कई तरह की चिकित्सा योजनाएं संचालित है, लेकिन ग्रामीण स्तर पर स्थिति दयनीय है। बरसात के साथ ही जल जनित मौसमी बीमारियों के प्रकोप से हर कोई आहत है, वहीं सरकारी तौर पर चिकित्सा सुविधाओं का भारी अभाव है। इसी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने हर गांव-कस्बे तक पहुंचकर पड़ताल की है। सलूम्बर सीएचसी की रिपोर्ट-
नगर के राजकीय सामान्य चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के बीच जैसे-तैसे उपचार हो रहा है, लेकिन जांच व्यवस्था लचर बनी हुई है। आश्चर्य है कि 100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में प्रतिदिन 600 रोगी आते हैं, इनमें से बड़ी संख्या में रोगियों को एक्स-रे और सोनोग्राफी कराने की जरुरत पड़ती है, लेकिन सोनोग्राफी बंद है, वहीं एक्स-रे मशीन सहायक के भरोसे चल रही है। रेडियोग्राफर का पद 2 साल से रिक्त है।
उदयपुर-बांसवाड़ा मेगा हाइवे पर दो जिलों के मध्य स्थित चिकित्सालय जिले का दूसरा सबसे बड़ा राजकीय सामान्य चिकित्सालय है। यहां जांच के सभी उपकरण है, लेकिन उन्हें चलाने वाला कोई नहीं। यहां एक्स-रे मशीन है, लेकिन एक्स-रे लेने वाले, एक्स-रे रिपोर्ट तैयार करने वाले रेडियोग्राफर बीते 2 साल से नहीं है। वर्तमान में जो एक्स-रे ले रहा है, वह अस्थाई तौर पर कार्यरत सहायक कर्मचारी है। उदयपुर-बांसवाड़ा मुख्य मार्ग होने से आए दिन होने वाले हादसों के चलते एक्स-रे लेने की जरुरत पड़ती है, लेकिन सारा काम राम भरोसे चल रहा है।

एक साल से अधिक समय से रेडियोग्राफर का पद रिक्त है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर यादव का 2 साल पहले सलूंबर स्थानांतरण हुआ, लेकिन स्थानांतरण के बाद इन्हें राजसमंद आरके चिकित्सालय में प्रतिनियुक्ति पर लगा दिया। पैथोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति डामोर 4 माह से उदयपुर स्थित चांदपोल सेटेलाइट हॉस्पिटल में प्रतिनियुक्ति पर है।

कौन समझे महिलाओं का दर्द

गर्भवती महिलाओं के साथ कई रोगियों को सोनोग्राफी की जरुरत पड़ती है, लेकिन यहां विशेषज्ञ के अभाव में सोनोग्राफी मशीन बंद पड़ी है। बड़ी बात ये कि गर्भवती महिलाओं को महज सोनोग्राफी नहीं हो पाने के कारण 50 किलोमीटर का सफर तय कर उदयपुर पहुंचना पड़ता है। पैथोलॉजिस्ट के अभाव में अन्य प्रकार की कई महत्वपूर्ण जांचें भी नहीं हो पा रही है। थोड़ी बहुत जो जांचे हो रही है, भरोसेमंद नहीं कही जा सकती।

प्रसव होता है जांच नहीं

गर्भवती महिलाएं यहां उपचार के लिए आती है। प्रसव तो होता है, लेकिन सोनोग्राफी नहीं होती है। सलूंबर चिकित्सालय में प्रसव से पहले उदयपुर से सोनोग्राफी करानी पड़ती है।

सरकार को लिखा है...
सलूम्बर के रेडियोलॉजिस्ट को राजसमंद लगा रखा है। वहां पूरे जिले में एक भी नहीं होने से रिलीव नहीं किया जा रहा। फिलहाल हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। इस संबंध में बार-बार सरकार को लिखा जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही समाधान होगा।

डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, उदयपुर

पद काफी रिक्त है, फिर भी हम चिकित्सालय व्यवस्था सुचारू रूप से चला रहे है। एक्स-रे के एक कार्मिक को रखा है, जो एक्स-रे खींचने का कार्य कर रहा है। सोनोग्राफी का चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर है। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे रखी है। नियुक्ति होने पर एक्स-रे और सोनोग्राफी में परेशानी नहीं रहेगी।

जयलाल बडग़ुर्जर, चिकित्साधिकारी, सलूम्बर

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