यहां चौराहे पर ही नहीं जलती बत्तियां तो कैसे होगी मोदी के नए मोटर व्हीकल एक्ट की पालना

Mohammed Iliyas | Updated: 19 Sep 2019, 12:43:37 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

यहां चौराहे पर ही नहीं जलती बत्तियां तो कैसे होगी मोदी के नए मोटर व्हीकल एक्ट की पालना

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सडक़ परिवहन मंत्रालय देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ ही सडक़ दुर्घटनाओं में मौतों को कम करने में लगा है लेकिन यहां तो अधिकतर चौराहे पर टै्रफिक सिंगल की बत्तियां गत तीन वर्ष से गुल है। वर्तमान चेतक व देहलीगेट चौराहे पर ही यह बत्तियां चल रही हैं। इनमें से भी देहलीगेट की बत्ती को लेकर रोज बवाल हो रहा है। नगर निगम का कहना है कि देहलीगेट पर यातायात के दबाव के चलते पुलिस खुद ही बत्तियां बंद कर व्यवस्था बिगाड़ रही है, इस संबंध में कई बार कह चुके हैं। अन्य चौराहों पर खामी व अन्य कमियां बताकर सिर्फ ब्लिंकर (पीली बत्ती वाले पोल) से काम चलाया जा रहा है। जिन चौराहे पर लाइट है, वहां उसके अनुसार यातायात नियंत्रित कर रहे हैं लेकिन जहां लाइट नहीं, वहां अतिरिक्त जवान खड़े करने के बावजूद यातायात संभल नहीं पा रहा है।पूर्व में ट्रैफिक लाइट का काम पीडब्ल्यूडी देखता था। बाद में सडक़ें नगर निगम को हस्तांतरित होने पर सरकार ने ट्रैफिक लाइट का जिम्मा भी निगम को दे दिया। शुरुआत में दोनों उलझते रहे और 18 माह तक चौराहे बिना बत्ती के रहे। टेंडर के बावजूद अब तक सभी चौराहों पर बत्तियां नहीं चल पाई।--ब्लिंकर भी खराबशहर के कुछ प्रमुख मार्गों एवं तिराहों पर ब्लिंकर लगा रखे हैं। यह येलो लाइट गति को धीमी कर साइड मिलने पर आगे बढऩे का इशारा करती है, लेकिन अधिकतर ब्लिंकर बंद पड़े हैं। ये रात को बिजली एवं दिन में सौर पैनल से चलते हैं। यहां लगे हैं ब्लिंकर कलक्टर आवास, बंशीपान वाली गली, अस्पताल गेट, आईजी बंगला, जिला न्यायाधीश आवास, कलक्ट्रेट के बाहर, दुर्गा नर्सरी रोड, फतहसागर काला किवाड़ सहित कुल 24 जगह।---यह है ट्रैफिक लाइट का ब्योरा- अब तक पीडब्ल्यूडी के पास था बत्तियों का रखरखाव- प्रतिवर्ष रखरखाव व नए सामान का ठेका था 4.50 से 5 लाख रुपए का- शुरुआत में लाइट सामान्य बल्ब व सोलिड एस्टेट (रेडियो के स्वीच) से चलती थी- वर्ष 2005-06 में एलइडी सिस्टम से लाइट हुई जिसमें कोड व पासवर्ड नम्बर भी डाले गए- दो वर्ष पूर्व सडक़ें नगर निगम के पास जाने से सरकार ने ट्रैफिक लाइट के मेंटनेंस का पैसा कर दिया बंद- पीडब्ल्यूडी ने लाइट व सामान को उसी हालत में छोडकऱ जिम्मा निगम को दे दिया।-- यह हो रही परेशानी- यातायात दबाव वाले चौराहों पर तैनात करने पड़े 33 अतिरिक्त जवान व होमगार्ड- बिना बत्ती के चौराहे से वाहन चालकों व यातायात पुलिस को हो रही परेशानी- यातायात दबाव वाले चौराहे पर रोज भिड़ रहे वाहन-- यह है चौराहों का हाल- चेतक व देहलीगेट पर जल रही लाइट- देहलीगेट पर फिर भी चौराहा अव्यवस्थित- कोर्ट चौराहे के निर्माण में खामी, कोर्ट में वाहन जाने से सारा यातायात हो जाता है अव्यवस्थित- दुर्गानर्सरी रोड, कुम्हारों का भट्टा, सेवाश्रम व प्रतापनगर- बत्ती गुल, निगम ने अब हाथ में लिए चौराहे- सूरजपोल चौराहा- बत्ती हटाई, चौराहा निर्माण होने से व्यवस्था अब भी ठीक नहीं- उदियापोल चौराहा- बत्ती कभी नहीं जली, निगम अधिकारी अब दिखवाएंगे- फतहपुरा चौराहा में खामी बताई जा रही, निगम को इसके बारे में अभी पता नहीं
---
देहलीगेट व चेतक चौराहे पर बत्ती जल रही है। कुछ चौराहों की बनावट में खामी है जिसके चलते बत्ती नहीं चला पा रहे हैं। चार से पांच चौराहे पर अभी तक बत्ती नहीं जली, इसको लेकर निगम को लिखा है।
नेत्रपाल सिंह, निरीक्षक यातायात
-
देहलीगेट पर बत्ती जल रही है लेकिन खुद पुलिसकर्मी उसे बंद कर देते हैं। दो बार इसको लेकर झगड़ा भी हुआ। वहां पर यातायात दबाव को वे खुद भी व्यवस्थित नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा कई चौराहों को निगम ने हाथ में लिया है। काम चल रहा है वहां पर शीघ्र ही बत्तियां चालू कर दिया जाएगा।
महेश त्रिवेदी, विद्युत समिति अध्यक्ष नगर निगम

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned