सडक़ पर कई तरह की खामियां, फिर कैसे रुके दुर्घटना

सडक़ पर कई तरह की खामियां, फिर कैसे रुके दुर्घटना

By: Mohammed illiyas

Published: 15 Nov 2020, 12:24 PM IST

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
प्रदेश में उदयपुर संभाग घाट सेक्शन,घुमावदार सडक़ें व रोड इंजीनियरिंग में बड़ी खामी के चलते लगातार दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना काल में इस वर्ष वाहनों के बंद रहने से दुर्घटनाओं में कमी आई लेकिन आज भी कई मोड व प्वाइंट ऐसे है जो दुर्घटना में किसी न किसी के घर का चिराग बुझा रहे है। इस खामी के बावजूद यहां पर ओवरस्पीडिंग,ओवरलोडिंग, ओवरक्राउडिंग व नशे में वाहन चलाने वाले इतने हैं कि प्रतिवर्ष दुर्घटनाओं के साथ मौत का आंकड़ा बढ़ जाता है।
राजस्थान में वर्ष 2018 में 21743 दुर्घटनाओं में 10320 मौत हुुई तो वर्ष 2019 में यह बढकऱ 10563 हो गई। 2020 में लॉकडाउन व कोरोना काल के बावजूद मौत का यह आंकड़ा 5 हजार के पार हो गया।
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प्रतापगढ़, राजसमंद में गत वर्ष बढ़ा ग्राफ
उदयपुर संभाग में अगर दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो संभाग में वर्ष 2019 में प्रतापगढ़ व राजसमंद में दुर्घटना के साथ ही मौत का ग्राफ बढ़ा है। इसके अलावा उदयपुर में 10्र चित्तौडगढ़़ में 9, डूंगरपुर में 7, बंासवाड़ा में 8 फीसदी मौत के आंकड़ोंं में कमी दर्ज की गई लेकिन घायलों में हजारों की संख्या में कई अपंग हुए हैं।
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दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण
- राष्ट्रीय राजमार्गों राजमार्गों व हाइवे से जुडऩे वाली सम्पर्क सडक़े
- उदयपुर संभाग टेढ़ी मेढ़ी सडक़
- औद्योगिक क्षेत्र से ओवरलोडिंग
- गरीब व बाहरी क्षेत्र में मजदूरी के लिए जाने वाले आदिवासी
- सरकारी परिवहन साधनों को अधिक किराया, ओवरलोड जीप में सफर
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ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना प्वाइंट पर खानापूर्ति
सरकार ने सडक़ दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पूरे राज्य में रोड ऑडिटर के रूप में इंजीनियर्स की नियुक्ति की, जिन्हें ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर सुधार करवाने का काम करना था। इंजीनियर्स ने इस पर काम पूरा नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार संभाग में चिह्नित 130 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकतर पर सुधार नहीं हुआ। जहां काम हुआ वहां खानापूर्ति या आसपास छोटा-मोटा सुधार किया जबकि हर ब्लैक स्पॉट के आगे व पीछे दोनों ओर पांच-पांच मीटर सुधार कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट बनानी थी। अकेले उदयपुर की बात करे तो शहर के समीपवर्ती अमरखजी में एक मोड पर दो माह में तीन मौत होने के बावजूद खामी को दूर नहीं किया गया। इस संबंध में पुलिस ने भी कई बार संबंधित एजेन्सियों को पत्र लिखा लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।

Mohammed illiyas Reporting
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