हेड कांस्टेबल की पकड़ी गिरेबान, पीडि़त पक्ष से रुपए मांगने का आरोप

लखावली के पूर्व सरपंच की मौत पर मुर्दाघर के बाहर हंगामा, महज माचीस मांगने पर एक माह पूर्व हुई थी गंभीर मारपीट

By: Pankaj

Published: 16 Dec 2020, 06:45 PM IST

 उदयपुर. एक माह पूर्व गंभीर मारपीट के शिकार हुए लखावली के पूर्व सरपंच ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद शाम को मुर्दाघर के बाहर हंगामा खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने सुखेर थाने के जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल पर रुपए लेकर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। परिजनों ने धक्के दिए और हेड कांस्टेबल की गिरेबान पकड़ ली।
सुखेर थाना क्षेत्र के लखावली गांव के पूर्व सरपंच देवीलाल गमेती के साथ 15 नवम्बर को गंभीर मारपीट हुई थी। एक महीने बाद मंगलवार को देवीलाल ने दम तोड़ दिया। शाम को मुर्दाघर के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब परिजन जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल गणपतनाथ से उलझ गए। आरोप लगाया कि मारपीट हुई थी, तब कार्रवाई करने के बदले हेड कांस्टेबल ने 5 हजार रुपए लिए थे। इसके बावजूद मारपीट के आरोपी के खिलार्फ कार्रवाई नहीं की। महिलाओं ने हेड कांस्टेबल की गिरेबान पकड़ ली। परिजनों ने धक्के देकर भला बुरा कहा। इस दौरान मुर्दाघर के बाहर पहुंचे प्रशिक्षु आईपीएस व सुखेर थानाधिकारी रंजिता शर्मा, हाथीपोल थानाधिकारी आदर्श ने समझाइश की और ठोस कार्रवाई का आश्वासन देकर माहौल शांत किया।

मृतक की पत्नी को लगाया गले
मुर्दाघर के बाहर हंगामा होने की सूचना पर प्रशिक्षु आईपीएस रंजिता शर्मा मौके पर पहुंची। यहां गुस्साए परिजनों से समझाइश की। इस दौरान मृतक देवीलाल की पत्नी दुखड़ा सुनाते हुए फूट फूटकर रोने लगी। इस पर प्रशिक्षु आईपीएस शर्मा ने मृतक की पत्नी को गले लगाकर शांत किया।
मामला एससी-एसटी सेल में

पुलिस ने बताया कि एक माह पूर्व के घटनाक्रम पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया। इसे बाद में एससीएसटी एक्ट में भेजा गया, जिसकी जांच चल रही थी। प्रशासन के आदेश पर शाम को पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर दी गई। शव फिलहाल मुर्दाघर में ही रखा है, जिसे सुबह ले जाया जाएगा।
प्रशासन की गैर मौजूदगी का आरोप
भुवाणा के पूर्व सरपंच रमेश डांगी ने कहा कि लखावली के पूर्व सरपंच के साथ कुछ एक माह पहले मारपीट हुई थी। थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। घटना एससी-एसटी वर्ग के साथ होने पर भी पुलिस-प्रशासन ने अनदेखा किया। मंगलवार शाम को मौत पर भी प्रशासन का सहयोग नहीं मिला।

Pankaj Reporting
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