डिजिटलाइजेशन ने डेढ़-दो गुना बढ़ा दी मोबाइल की डिमांड

मोबाइल बाजार में उपलब्धता की तुलना में डिमांड ज्यादा, ऑनलाइन मोबाइल बिजनेस से प्रतिस्पर्धा का भी दौर

By: Pankaj

Published: 19 Sep 2021, 01:27 PM IST

उदयपुर. कोरोना काल के बाद बदले माहौल में सबसे ज्यादा डिमांड मोबाइल की बढ़ी है। कारण ये कि लॉकडाउन के दरमियान डिजिटलाइजेशन तेजी से बढ़ा। लिहाजा स्मार्ट फोन हर व्यक्ति की जरुरत हो गई है। चाहे वह ऑनलाइन शॉपिंग, मीटिंग हो या बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज, सभी के लिए स्मार्ट फोन पहली जरूरत हो गया है। एक अनुमान के तौर पर डिजिटलाइजेशन से मोबाइल की डिमांड डेढ़ से दो गुना तक बढ़ी है।
कोरोना काल से जब स्थिति सामान्य होने लगी तो स्मार्ट फोन की जरुरत सबसे ज्यादा बढ़ी। ऐसे में जहां एक घर में एक स्मार्ट फोन हुआ करता था, वहां अब प्रत्येक सदस्य स्मार्ट फोन की जरुरत महसूस करने लगा। लिहाजा मोबाइल मार्केट में तेजी से उछाल आया और डेढ़ से दो गुना तक डिमांड बढ़ी।
हम संघर्ष को तैयार

व्यापारी कहते हैं कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेहतर ऑफर्स उपलब्ध है। ग्राहक उपलब्धता नहीं होने और रेट नहीं जमने पर ऑनलाइन का रुख करता है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन इस मुद्दे पर कंपनियों से लड़ रहा है कि रिटेल व्यापारियों को भी 'सेम टाइम, सेम प्राइज, सेम प्रोडक्टÓ सोच के साथ प्रोडक्ट उपलब्ध कराए जाएं।

किस बजट में कितना प्रतिशत
60 प्रतिशत लोग 15 से 30 हजार कीमत के मोबाइल लेते हैं

10 प्रतिशत लोग एक-डेढ़ लाख रुपए तक के मोबाइल लेते हैं
10 प्रतिशत लोग 30 से 80 हजार तक के मोबाइल लेते हैं

20 प्रतिशत आज भी कीपैड मोबाइल या सस्ते स्मार्ट फोन लेते हैं

उदयपुर के आंकड़े
25 : करोड़ मासिक व्यवसाय मोबाइल का

100 : करीब दुकानें मोबाइल की शहरभर में
30 : बड़े व्यवसायी मोबाइल के हैं शहर में

08 : से अधिक कंपनियां है मोबाइल मार्केट में

एक साल में आए बदलाव
- मोबाइल में स्टोरेज क्षमता में भारी इजाफा किया गया

- मोबाइल के कैमरे कई गुना ज्यादा गुणवत्ता युक्त हुए
- फास्ट मोबाइल चार्जिंग प्रोससर उपलब्ध होने लगे

- अब फोल्डिंग स्क्रीम पेटर्न के मोबाइल आने लगे हैं

व्यवसासियों के लिए
चुनौतियां

- ऑनलाइन शॉपिंग में कंपनियां कई लुभावने ऑफर देती है
- ऑनलाइन में वह सेट भी मिल जाता है, जो बाजार में शॉर्ट है

- ऑनलाइन के विस्तृत दायरे जितनी व्यवसासियों की पहुंच नहीं

सुविधाएं
- जीरो प्रतिशत ब्याज, जीरो डाउन पेमेंट पर मोबाइल फाइनेंस उपलब्ध

- व्यक्तिगत संबंध में व्यापारी से जुड़े उपभोक्ता ऑनलाइन पर नहीं जाते
- डिजिटलाइजेशन से नए कस्टमर ऑनलाइन के बजाय व्यापारी से जुड़ रहे
जानिए, क्या कहते हैं व्यापारी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खींचतान के चलते फैक्ट्रियों को चीप सेट उपलब्ध नहीं कराए गए, जो मोबाइल की जरुरत है। प्रोडक्शन कम हुआ, जबकि डिमांड बढ़ी। ऑनलाइन मार्केट में स्टॉक ज्यादा है, व्यापारियों को परेशानी होती है। कस्टमर भी असमंजस में पड़ता है।
निशिथ माथुर, जनरल सैक्रेटरी, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन
कोरोना से राहत मिलने के बाद से बाजार में मोबाइल की शॉर्टेज हो रही है। कंपनियों की ओर से सप्लाई में कमी की गई है, जिससे हम डिमांड पूरी नहीं कर पा रहे हैं। कंपनियों का झुकाव ऑनलाइन की ओर ज्यादा है। आने वाला समय चुनौती भरा है।

नीरज कपूर, अध्यक्ष, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन

डिजीटलाइजेश से मोबाइल की सेलिंग बढ़ी है और ये आगे भी होती रहेगी, लेकिन उत्पाद उपलब्धता कम है। पहले मोबाइल लग्जरी मानते थे। अब हर एक की डिमांड है। ऑनलाइन मार्केट से भारी प्रतिस्पर्धा का दौर है, जिससे व्यापारी जूझ रहे हैं।
संजय इसरानी, जोनल वाइस प्रेसीडेंट, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन
बीते एक साल में स्मार्ट फोन की डिमांड तेजी से बढ़ी है। साथ ही बिना अतिरिक्त खर्च के फाइनेंस पर मोबाइल उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे महंगे मोबाइल खरीदने का रुझान भी बना है। डिजिटलाइजेशन होने के बाद स्मार्ट फोन हर व्यक्ति की जरुरत हो गई है।

पुष्पेंद्र जैन, सदस्य, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन

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