होलमार्किंग सेंटर बढ़े, जटिल प्रक्रिया में आए सरलता

कोरोना काल से उबरते सर्राफा व्यवसायियों ने रखी अपनी बात

By: Pankaj

Published: 06 Oct 2021, 11:26 AM IST

उदयपुर. राजस्थान पत्रिका की ओर से मंगलवार को शहर के सर्राफा व्यवसायियों की समिट आयोजित की गई। इसमें सर्राफा व्यवसायियों ने कोरोना काल में आई परेशानियां बताईं, वहीं आगामी दिनों में सुधरते-बदलते बाजार पर अपनी बात रखी। व्यवसायियों ने मांग रखी कि होलमार्किंग सेंटर और खोले जाए, वहीं होलमार्क यूनिक आइडी की प्रक्रिया सरल की जाए। ऐसे में जहां उपभोक्ताओं को आसानी से होलमार्क ज्वेलरी मिल सके, वहीं प्रक्रिया में सुरक्षा बंदोबस्त हो।

समिट में सर्राफा व्यवसायियों की प्रमुख बात यही थी कि कोरोना काल में सबके साथ सर्राफा व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। जब लोगों के पास खुशी का अवसर नहीं रहा तो सर्राफा व्यवसाय भी कम हुआ। अब बाजार में काफी सुधार आया है। दुकानदार और ग्राहक दोनों खुश है। कोरोना महामारी से राहत पैकेज में सरकार ने हर वर्ग को कुछ ना कुछ दिया, लेकिन सर्राफा व्यवसाय को कुछ नहीं दिया। बातचीत के दौरान राजस्थान पत्रिका के उपमहाप्रबंधक अरुण शाह, उदयपुर संस्करण के संपादक संदीप पुरोहित मौजूद रहे।

किसने क्या कहा

कुछ शर्तों से परेशानी
सर्राफा व्यवसायी होलमार्क ज्वेलरी के पक्ष में है। सरकार ने कुछ शर्तें रखकर परेशानी में डाल रखा है। होलमार्क यूनिक आइडी से ज्वेलरी बेची जाती है, उसमें भी पूछताछ होती है। ट्रेकिंग का बाजार बना दिया है। ज्वेलरी में ऑल्टरेशन नहीं कर पाने का दबाव भी है। छोटी-छोटी शर्तें पूरी करने के चक्कर में ग्राहक को नहीं छोड़ सकते। होलमार्क सेंटर अधिकारी के पास ज्वेलरी तोड़कर देखने का अधिकार है। अर्जेंट ऑर्डर पर आपूर्ति देना कैसे संभव है।

डॉ. महेंद्र सोजतिया, सोजतिया ज्वेलर्स

अंदरुनी बाजारों में हो वन-वे

सरकार की नीतियों के अनुसार चले तो कई लोग सर्राफा व्यवसाय छोड़ देंगे। सरकार ने बिजली बिल से लेकर टैक्स तक सब कुछ पूरा वसूला तो व्यवसासियों को क्या फायदा। सर्राफा व्यवसाय के लिए भी राहत पैकेज होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन की बात करें तो शहर के अंदरुनी बाजारों में वन वे किया जाना चाहिए, लेकिन नहीं करने से जाम की स्थिति रहती है। कम से कम दिन के समय तो फोर व्हीलर के लिए पाबंदी होनी चाहिए।

यशवंत आंचलिया, मंगल मणि ज्वेलर्स
सर्राफा को प्रोत्साहन की जरुरत
सर्राफा व्यवसाय में यूनिफॉर्म पॉलिसी नहीं होने से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति रहती है। सर्राफा व्यवसाय का दायरा बहुत बड़ा है, लेकिन सरकार उद्योग नहीं मानती। ना ही इसमें फाइनेंशियल सुविधाएं अन्य व्यवसाय जैसी है। इसे आज भी हस्तशिल्प व्यवसाय माना गया है। 80 फीसदी ज्वेलरी मेकिंग का व्यवसाय भारत से एक्सपोर्ट होता है। यहां दुनियाभर में सबसे कम मेकिंग चार्ज है। सर्राफा व्यवसाय को प्रोत्साहन दिए जाने की जरुरत है।

नरेंद्र सिंघवी, प्रतीक ज्वेलर्स
मिले राहत और कुछ

कोरोना की तीसरी लहर आने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्राफा व्यवसाय को राहत देने की जरुरत है। कोरोना काल में शादी समारोह को अनुमति होने, कई तरह की वस्तुएं होम डिलेवरी पर देने की छूट दी गई थी। ऐसे में ज्वेलरी व्यवसाय को भी राहत और कुछ छूट दिए जाने की जरुरत है।

हर्षित सोनी, मुकेश जेम्स एंड ज्वेल्स
प्रक्रिया सरल हो
शहर में ज्वेलर्स कई है, जबकि होलमार्क सेंटर सिर्फ एक है। जटिल प्रक्रिया के चलते 5-5 दिन तक ज्वेलरी पड़ी रहती है। इस बीच किसी तरह की घटना होने पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। एचयूआईडी की लम्बी प्रक्रिया सरल हो, इस बीच घटना होने की आशंका के चलते ज्वेलरी इंश्योर्ड हो।

रवि सोनी, ज्योति ज्वेलर्स
विशेष पैकेज की जरुरत
सर्राफा व्यवसाय के उपभोक्ताओं के लिए सोने की ज्वेलरी में 2-3 लाख रुपए की खरीद कर लेना मामूली बात है। सरकार की ओर से सर्राफा व्यवसाय पर लगाए गए कई तरह के टैक्स में कमी के प्रयास होने चाहिए। इसके लिए योजना बनाकर विशेष पैकेज लाने की जरुरत है ताकि व्यवसाय जिंदा रह सके।

मोहन माखीजा, अलंकार ज्वेलर्स

सर्वर डाउन रहने से परेशानी

होलमार्किंग को लेकर सरकार के पास इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, ऐसे में जो व्यवस्था लागू होनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है। सिर्फ होलमार्किंग करनी थी तो समय कम लगता था, लेकिन अब एचयूआईडी से प्रक्रिया बेहद लम्बी हो गई है। सर्वर डाउन रहने से एचयूआईडी मिलने में काफी समय लग जाता है।
कार्तिक सिंघवी, बीएमएस ज्वेलर्स

स्मार्ट सिटी के काम से व्यवसाय प्रभावित
स्मार्ट सिटी के काम ने व्यवसाय प्रभावित किया। बड़ा बाजार या जगदीश चौक की ओर से फॉर व्हीलर पहुंचकर फंस जाते हैं। कई रास्ते बंद रहते हैं, लेकिन सूचना बोर्ड कहीं नहीं लगाया जाता। पर्यटक जीपीएस के सहारे बाजार में घुस जाते हैं, लेकिन आगे जाम में फंस जाते। व्यापार बुरी तरह से प्रभावित होता है।

निर्मल लक्षकार, भारतीय ज्वेलर्स
मिले सामाजिक सुरक्षा
होलमार्किंग की प्रक्रिया जटिल है। कम से कम पेपर वर्क के साथ व्यवसाय करने की स्वतंत्रता हो। सर्राफा व्यवसायी टैक्स देते हैं तो उन्हें सुविधा भी मिले। व्यापारियों के लिए मेडिक्लेम सुविधा हो। माना कि कभी व्यापारी टैक्स देने की स्थिति में नहीं रहे तो भी उसकी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।

महावीर सिंघटवाडिय़ा, स्वर्ण सिद्धि ज्वेलर्स

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