बलात्कार करने वाले चपरासी को न्यायालय ने सुनाई ये कठोर सजा

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By: Krishna

Published: 15 Nov 2018, 06:00 AM IST

उदयपुर. सरकारी योजना में मकान का झांसा देकर अटल सेवा केन्द्र में महिला से बलात्कार करने वाले आरोपी चपरासी को न्यायालय ने दस वर्ष के कठोर कारावास व 1.05 लाख रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया।कानोड़ न्यायालय में गत 28 अपे्रल 2015 को पीडि़ता ने लसाडिय़ा के ग्राम पंचायत ओवरा के चपरासी उदरतिया निवासी गौतम उर्फ गोतिया पुत्र गलबा मीणा के खिलाफ बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। न्यायलय के आदेश पर लसाडिय़ा थाने में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अपर लोक अभियोजक प्रेमसिंह पंवार ने आवश्यक साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीडन प्रकरण) डॉ.दुष्यंत दत्त ने आरोपी को धारा 376 में 10 वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपए व धारा 342 में छह माह के साधारण कारावास एवं पांच सौ रुपए जुर्माने की सजा से दंडि़त किया। न्यायालय ने अपने निर्णय में लिखा कि अभियुक्त द्वारा किया गया बलात्कार पीडि़ता के सर्वोच्च सम्मान पर एक गंभीर प्रहार है जिससे पीडि़ता को लज्जित एवं शर्मनाक जीवन जीने की ओर धकेल दिया है। बलात्कार प्रथम श्रेणी का अपराध होता है जो प्रत्यक्ष रुप से पीडि़ता के शरीर व मस्तिष्क को प्रभावित करता है। आरोपी के विरुद्ध नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता।

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जबरन पकड़ ले गया आरोपी सेवाकेन्द्र में


पीडि़ता ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पति की मृत्यु करीब दस साल पहले हो चुकी थी। वह अपने दोनों पुत्रों सहित ससुराल में निवास करती है। 3 मार्च को शाम 7.30 बजे वह अपने खेती का कार्य कर नए से पुराने घर जा रही थी। मार्ग में पुलिया पर झाडिय़ों में छिपा बैठा आरोपी गौतम अचानक निकलकर आ गया। आरोपी ग्राम पंचायत ओवरा में चपरासी होने से उसने परिवादिया को कहा कि उसकी जान पहचान अच्छी है वह उसके सरकारी योजना में मकान पास करवा देगा।

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