अस्पताल कोई जिम या हेल्थ सेंटर नहीं, जो शौक से भर्ती हो

 

- न्यायालय ने बीमा कंपनी के खिलाफ दिया आदेश
- क्लेम के 23 हजार रुपए ब्याज सहित दिलाए

अस्पताल कोई जिम या हेल्थ सेंटर नहीं, जो शौक से भर्ती हो

- न्यायालय ने बीमा कंपनी के खिलाफ दिया आदेश
- क्लेम के 23 हजार रुपए ब्याज सहित दिलाए

उदयपुर . 12 साल तक प्रीमियम भरने के बावजूद पेट दर्द होने पर अस्पताल में भर्ती हुई बीमित महिला का महज 23 हजार रुपए का बिल बीमा कंपनी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि उसे अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत ही नहीं थी। स्थायी लोक अदालत ने बीमा कम्पनी के इस तर्क को खारिज करते हुए परिवादी का आवेदन स्वीकार कर उसे आदेश दिया कि वह परिवादिया को मेडिकल क्लेम पेटे 22509 राशि मय 10 प्रतिशत परिवादी को भुगतान करे। साथ ही शारीरिक, मानसिक क्षति व वाद व्यय के पांच हजार रुपए अलग से दे।

अदालत के अध्यक्ष के.बी.कट्टा, सदस्य बृजेन्द्र सेठ व सुशील कोठारी ने बीमा कम्पनी के इस दलील को गंभीरता से लेते हुए कहा कि अस्पताल कोई जिम या हेल्थ सेंटर नहीं है, जहां व्यक्ति अपनी दैनिक जीवन शैली को छोडकऱ शौकिया तौर पर बीमा क्लेम राशि प्राप्त करने के लिए चार दिन के लिए भर्ती हो जाए। हर व्यक्ति अपने अच्छे से अच्छे इलाज का अधिकार रखता है एवं अस्पताल में जाने के बाद यदि चिकित्सक ने यह सलाह दी कि भर्ती करना आवश्यक है तो ऐसी स्थिति में किसी भी व्यक्ति से यह कल्पना नहीं की जा सकती है कि वह इनकार करे।

न्यायालय ने यह आदेश नाकोड़ा कॉम्पलेक्स सेक्टर-4 निवासी भगवती लाल पुत्र नंदलाल लोढ़ा के बापूबाजार स्थित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी जरिये रिजनल मैनेजर के खिलाफ वाद में दिया। परिवादी ने स्वयं एवं अपनी पत्नी मीना लोढ़ा के लिए विपक्षी से मेडिक्लेम हेल्थ पॉलिसी ली। पॉलिसी वर्ष 2004 से यथावत होकर 9 दिसम्बर से 2016 तथा 8 दिसम्बर 2017 तक चालू थी। दिसम्बर 2016 परिवादी की पत्नी मीना के पेट में दर्द होने पर निजी अस्पताल में दिखाया, जहां चिकित्सक ने कुछ दवाइयां लेने की सलाह दी गई। इसके बावजूद दर्द बढऩे पर पुन: परामर्श लिया तो अतिरिक्त दवाइयां दी गई। तकलीफ कम नहीं होने पर मीना को अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में कुल 22509 रुपए का खर्च हुआ जिसे बीमा कंपनी ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पीडि़ता को अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत नहीं थी। न्यायालय ने माना कि परिवादी पॉलिसी के पेटे 2004 से 2016 तक प्रीमियम राशि अदा करने के बाद महज 23 हजार रुपए के प्राप्त के लिए चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे।

Mohammed illiyas Reporting
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