scriptudaipur man hitendra garasiya dead body in russia | रूस ने हितेंद्र का शव भारत भेजने से किया इनकार, वहीं दफनाने की तैयारी | Patrika News

रूस ने हितेंद्र का शव भारत भेजने से किया इनकार, वहीं दफनाने की तैयारी

जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में गोड़वा गांव के रहने वाले हितेंद्र गरासिया का शव भारत आने के प्रयासों को गहरा आघात लगा है।

उदयपुर

Updated: November 08, 2021 04:24:15 pm

उदयपुर। जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में गोड़वा गांव के रहने वाले हितेंद्र गरासिया का शव भारत आने के प्रयासों को गहरा आघात लगा है। इधर, गांव में 114 दिन से परिवार के सदस्य शव आने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं उधर, रूस की सरकार ने हितेंद्र का शव भारत भेजने से इनकार कर दिया है। यही नहीं शव को रूस में ही दफनाने की तैयारी की गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से भारतीय राजदूत ने इसकी जानकारी दी है।
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हितेंद्र का शव भारत लाने के मामले में विदेश मंत्रालय को शिकायत करने वाले बूंदी के समाजसेवी चर्मेश शर्मा ने जब इस मामले पर पुन: शिकायत की तो उन्हें यह जवाब मिला। उन्होंने इसे भारतीय नागरिक के शव के साथ विदेश में बर्बरता करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों व मानव अधिकारों का उल्लंघन है। विदेश मंत्रालय की ओर से रूस में भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने भेजे जवाब में स्पष्ट किया है कि हितेंद्र का शव भारत नहीं भेजा जा सकता।
भारतीय राजदूत का जवाब
उन्होंने लिखा कि 'इस संबंध में एक आपराधिक मामला शुरू नहीं करने का निर्णय लिया गया है। जांच के तहत फोरेंसिक मेडिकल जांच भी कराई गई, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच विभाग को नहीं मिली है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, शव मृतक के रिश्तेदारों को सौंपा जा सकता है, लेकिन ना तो शव का अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाएगी और ना ही शव रूस से बाहर ले जाने की अनुमति मिलेगी। परिवार रूस आकर शव ले सकता है, लेकिन उन्हें शव रूस में ही दफन करना होगा। अगर परिवार रूस पहुंचकर शव लेने को तैयार नहीं है तो रूसी सरकार के अधिकारी शव दफना देंगे।
पहली बार बताया मौत का कारण
हितेंद्र का शव भेजने संबंधी शिकायत पर दिए गए जवाब में भारतीय दूतावास की ओर से पहली बार हितेंद्र की मृत्यु का कारण बताया गया है। भारतीय राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने बताया कि ऊंचाई से गिरने के कारण भारतीय नागरिक की मृत्यु हुई थी। हितेंद्र का शव रशियन पुलिस को मॉस्को के एक पार्क में मिला था।
यह है पूरा मामला
खेरवाड़ा के गोड़वा गांव का निवासी हितेंद्र गरासिया रोजगार के लिए एजेंट के माध्यम से रूस गया था। वहां उसकी मौत हो गई। एजेंट पीछे हट गया, जबकि परिवार मौत की खबर आने के बाद से अब तक 114 दिन बीत जाने तक शव आने का इंतजार कर रह रहा है।

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