भाजपा में कौन होगा अध्यक्ष, मेवाड़ के जिलों के बताए नाम, राजसमंद में पर्चियों में लिखे नाम

भाजपा संगठन चुनाव

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 03 Dec 2019, 09:00 AM IST

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्षों के चुनाव को लेकर संभाग के जिलों की बैठक सोमवार को उदयपुर में हुई। उदयपुर शहर व देहात के अध्यक्ष के लिए निवर्तमान अध्यक्ष को ही रिपीट करने का प्रस्ताव रखा लेकिन शहर अध्यक्ष के लिए उम्र की बाधा को प्रदेश संगठन स्वीकार कर लेता है तो ठीक नहीं तो दो दूसरे नाम पैनल में रखे। राजसमंद जिलाध्यक्ष के लिए पैनल के नाम पदाधिकारियों ने पर्चियों से दिए। अब ये नाम प्रदेश मुख्यालय को जाएंगे और वहां से अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगेगी।
यहां भुवाणा स्थित महाप्रज्ञ विहार में हुई बैठक में अलग-अलग जिलों के चुनाव प्रभारियों व जयपुर से आए संगठन निर्वाचन के पदाधिकारियों ने नामों को लेकर चर्चा की। प्रदेश संगठन की ओर से उदयपुर के प्रभारी दामोदर अग्रवाल की उपस्थिति में बैठक शुरू हुई, विस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे लोग पैनल में आए, जो निष्ठावान हो, संगठन हित में अच्छा काम कर रहे है, उन्होंने कहा कि अपना-पराया से हटकर जो संगठन को समय दे और अच्छा कार्य करें उनके नाम को शामिल करें। बैठकों में वैसे जिलेवार संगठन की ओर से जिलाध्यक्ष के नाम दिए गए। उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष को लेकर निवर्तमान अध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली के नाम को सबसे ऊपर रखा गया, साथ ही पार्टी ने 50 वर्ष की उम्र अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित की लेकिन इसमें प्रदेश संगठन से छूट का आग्रह भेजा जाएगा। तय किया गया कि श्रीमाली के नाम पर मुहर लगा दी जाती है तो ठीक नहीं तो अभी जो शहर महामंत्री है प्रेमसिंह शक्तावत व डॉ. किरण जैन का नाम पैनल में शामिल किया गया। इसी प्रकार देहात अध्यक्ष के लिए भंवर सिंह पंवार का सिंगल नाम तय किया गया, इनकी भी तय पैमाने से उम्र करीब एक साल ज्यादा है लेकिन प्रदेश से छूट की बात कहते हुए सिंगल नाम आया। बैठक में चित्तौडगढ़़-प्रतापगढ़ जिले से पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, निम्बाहेड़ा के पूर्व विधायक अशोक नवलखा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। चित्तौडगढ़़ में निवर्तमान अध्यक्ष रतनलाल गाडरी को फिर से रिपीट करने की बात आई, बैठक खत्म होते-होते वहां पर कुछ और नाम पैनल के लिए सुझा दिए गए। प्रतापगढ़ जिले में कमलेश दोशी का सिंगल नाम था। इसी प्रकार बांसवाड़ा व डूंगरपुर जिले के नामों के लिए भी पैनल तय किया गया। बैठक में जब राजसमंद की बारी आई तो वहां पर पूर्व मंत्री किरण माहेश्वरी, कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़, पूर्व राज्यमंत्री शिवदान सिंह आदि ने भाग लिया। राजसमंद जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर जब बात आई तो एक बार तो सामुहिक रूप से नामों पर चर्चा हुई, लेकिन वहां पर बैठक में जिनको बुलाया उन सबने अपने नाम पर्ची पर लिखकर दिए। प्रत्येक जिले की बैठक में जिला निर्वाचन, सह निर्वाचन अधिकारी, संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, वर्तमान व पूर्व जिलाध्यक्ष, महापौर, जिला प्रमुख, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक व पूर्व विधायक शामिल हुए। उदयपुर की बैठक में कटारिया, विधायक फूलसिंह मीणा, महापौर जीएस टांक, चुन्नीलाल गरासिया, डॉ. किरण जैन, प्रमोद सामर, अलका मुंदड़ा, जगदीश शर्मा आदि ने भाग लिया। उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, राजसमंद से दीयाकुमारी, चित्तौडगढ़़ से सीपी जोशी व बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद कनकमल कटारा लोकसभा की कार्रवाई होने से बैठक में नहीं आ सके।

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