निजी से कहीं महंगी रोडवेज

- लोग कतराते हैं ऊपर से अतिरिक्त गाडिय़ां भी नहीं

By: Dhirendra

Published: 03 Dec 2019, 09:45 PM IST

धीरेंद्र्र्र्र् कुमार जाेशी/उदयपुर. शादी-ब्याह, धार्मिक यात्रा, पिकनिक या भ्रमण के लिए बसों की बुकिंग करवाते समय लोग रोडवेज से कतराते हैं। रोडवेज बसें निजी बसों से महंगी पड़ती है। इसके साथ ही इनकी कंडीशन निजी बसों से कहीं ज्यादा खराब होती है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में किराये की राशि अधिक होने से इसके बारे में सोचते भी नहीं। बारात तो या धार्मिक यात्रा सबके लिए सीधे ही निजी टै्रवेल्स वालों से सम्पर्क किया जाता है। साधारण 3 गुणा 2 सीटर एक्सप्रेस बस का किराया 42 रुपए किलोमीटर है। वहीं बाजार में रोडवेज से बेहतर बस 35 से 40 रुपए प्रति किलोमीटर पर उपलब्ध है। इसी प्रकार अन्य श्रेणीयों की बसों में भी बाजार मूल्य से अधिक किराया रोडवेज की बसों में है।

लोगों को पसंद नहीं आती पुरानी तकनीक
रोडवेज की अधिकांश बस पुरानी तकनीक की बनी हुई है। इनकी सीटे और इंटीरियर भी पुराना ही है। वहीं निजी बसों में सीटों के कवर और इंटीरियर अच्छा होता है। ऐसे में लोगे रोडवेज से गुरेज करते हैं।

वर्तमान में नहीं है अतिरिक्त बसें
एक जमाने में रोडवेज के पास हर समय अतिरिक्त बसें उपलब्ध रहती थी। लेकिन वर्तमान में रूट पर चलने वाली बसों की किल्लत है। ऐसे में किराये पर बस देने पर रूटों का ऑपरेशन चलाने में परेशानी खड़ी होगी।

ये है बाजार का किराया
टैवेल्स मालिक कैलाश ने बताया कि बाजार में नॉन एसी बस का किराया 35 से 40, एसी की 45 से 50 रुपए, स्लीपर नॉन एसी का 45 से 50 रुपए है। इधर रोडवेज सूत्रों ने बताया कि 3 गुणा 2 सीटर बस का किराया 42 रुपए प्रति किलोमीटर पड़ता है। इसके अलावा एसी, स्लीपर, वॉल्वो आदि बसे जयपुर से ही बुक होती है।

वर्सन...
हमारी पहली प्राथमिकता रूट पर बसों के संचालन की होती है। वाहन उपलब्ध होने पर ही किराये के लिए दिए जाते हैं।

- महेश उपाध्याय, मुख्य प्रबंधक, उदयपुर आगार।

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