नई टंकी चालू की नहीं, पुरानी टंकी की सीढिय़ां गिरी

कानपुर गांव की घटना

By: Pankaj

Updated: 11 Sep 2021, 02:12 PM IST

उदयपुर. लगातार बरसात के बीच ग्राम पंचायत कानपुर में जलदाय विभाग की जर्जर टंकी की सीढिय़ां टूटकर गिर गई। गनीमत रही कि आसपास कोई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो जाता। घटना को लेकर क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों ने जर्जर टंकी गिराने की मांग की है।
कानपुर गांव के बीच हाटा क्षेत्र में बनी जलदाय विभाग की सालों पुरानी जर्जर टंकी की सीढिय़ां शुक्रवार को टूट कर गिर गई। टंकी के चारों और घनी आबादी है। गनीमत रही कि जनहानि नहीं हुई। टंकी के पास रहने वाले महावीर जैन, अनिल जैन ने इसकी सूचना सरपंच भूरी बाई, पूर्व उप सरपंच सुरेश कुमार डांगी, पूर्व उप सरपंच मदन लाल डांगी, गेहरी लाल डांगी को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि नई टंकी बन चुकी है, फिर भी जर्जर हालत में टंकी को गिराया नहीं जा रहा है। सरपंच भूरी बाई ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन देकर बताया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि नई टंकी से सुचारू रूप से पानी शुरू होने पर ही पुरानी टंकी को गिराया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी को गिराने की विधिवत प्रक्रिया से पहले लटकते मलबे को गिराने की कार्रवाई की जाए, अन्यथा कोई भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।

आंदोलन की चेतावनी

क्षेत्रीय प्रतिनिधि गेहरीलाल डांगी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। ग्रामीणों ने सरपंच को तुरंत टंकी हटवाने के लिए कहा कि 15 दिन में टंकी नहीं हटी तो जलदाय विभाग के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
विधानसभा में उठ चुका मुद्दा
ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने 5 साल पहले जर्जर टंकी गिराने के लिए का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया था। तत्कालीन मंत्री किरण माहेश्वरी ने नई टंकी के फंड दिया तो नई टंकी बन गई, लेकिन पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई और ना ही पुरानी क्षतिग्रस्त टंकी को गिराया। ग्रामीण विधायक मीणा ने जलदाय विभाग और प्रशासन को इसकी सूचना दी। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

Pankaj Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned