सावधान!!! उदयपुर के सेक्टर 14 के  इस चिकित्सालय में मिल रही अवधिपार की दवाइयां, कहीं आप भी ना हो जाएं शिकार

सावधान!!! उदयपुर के सेक्टर 14 के  इस चिकित्सालय में मिल रही अवधिपार की दवाइयां, कहीं आप भी ना हो जाएं शिकार

Jyoti Jain | Publish: Feb, 11 2018 03:43:32 PM (IST) Udaipur, Rajasthan, India

उदयपुर . मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा काउंटर से महिला रोगी को अवधिपार दवाइयां वितरित करने का मामला सामने आया है।

सुशील सिंह /उदयपुर . मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा काउंटर से महिला रोगी को अवधिपार दवाइयां वितरित करने का मामला सामने आया है। लापरवाही का खुलासा उस समय हुआ, जब अवधिपार दवा सेवन से महिला की तबीयत एकाएक बिगड़ गई और पेट दर्द की शिकायत दूर होने की बजाय स्थिति और गंभीर हो गई। संयोग से उसके पति ने दवा देखी तो वह अवधिपार पाई गई है। हुआ यूं कि पेटदर्द की शिकायत पर 4 फरवरी को सेक्टर 14 हिरण मगरी निवासी 35 वर्षीय मोनिका शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने 4 तरह की जेनरिक दवाइयां लिखी। नि:शुल्क दवा काउंटर पर नियुक्त कर्मचारी ने उसे संबंधित दवा दे दी।

 

 

इनमें से एक टेबलेट अवधिपार तिथि जनवरी 2018 (बेच नंबर टी5049) होने के बावजूद थमा दी गई। परामर्श के हिसाब से महिला ने दवाइयों का सेवन शुरू किया तो उसकी तबीयत बिगडऩे लग गई। इस पर पति पीयूष मेहता ने दवाइयों को ढंग से देखा तो उसे जानकारी मिली कि अस्पताल से दी गई दवाओं में एक दवा ‘मेस्प्रोनिडाजोल’ अवधिपार है। पीडि़त पति ने इसकी शिकायत चिकित्सालय प्रशासन को भी दी, लेकिन नतीजा हमेशा की तरह ‘ढाक के तीन पात’ के तौर पर सामने आया। गौरतलब है कि चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की कमी और उदासीन रवैये के बीच अक्सर दवा काउंटर की कमान 10वीं पास हेल्पर के हाथों में रहती है। इससे इस तरह की गलतियां होने की आशंकाएं रहती हैं।

 

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एक माह पहले निस्तारण
कायदा कहता है कि अवधिपार होने वाली दवाइयों को एक माह पहले ही स्टॉक से हटाना चाहिए ताकि समय गुजरने के दौरान गलती से भी मरीज तक दवाइयां नहीं पहुंचे। मगर प्रशासनिक स्तर पर बरती जाने वाली लापरवाही के कारण ऐसी गलतियां सरकारी चिकित्सालयों में होती रहती हैं। नियम के तहत ड्रग इंस्पेक्टर को समय सीमा के दौरान चिकित्सालय के स्टॉक को जांचना चाहिए, लेकिन लापरवाही के कारण इस स्तर पर भी अंधेरगर्दी है।


जांच का विषय

जिला औषधि भंडार से सब सेंटर को दवाइयां सप्लाई होती है। सब सेंटर स्तर पर डीडीसी (ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर) में सप्लाई जाती है। ऑनलाइन नहीं होने की वजह से ऐसी गलती होती है, जबकि मेरी ओर से हर बार ऑनलाइन व्यवस्था से जुडऩे के लिए पाबंद किया जाता है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
राजेश भराडिय़ा, प्रभारी, जिला औषधि भंडार

 

गंभीर है मामला
अवधिपार दवा वितरण की शिकायत सही पाई जाती है तो इस पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संजीव टांक, सीएमएचओ, उदयपुर ?


खुद जांचता हूं
नि:शुल्क दवा काउंटर से ऐसी गलती नहीं होनी चाहिए। मैं खुद इन दवाइयों को समय पर जांच करता हूं। किस स्तर पर गलती हुई है। इसकी जानकारी लेता हूं।
डॉ. एस.एल. बामनिया, प्रभारी, शहरी स्वास्थ्य केंद्र

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