उदयपुर स्मार्ट सिटी को लेकर वह सब कुछ जो आप जानना चाहेंगे, पढ़िए पूरी खबर

उदयपुर स्मार्ट सिटी को लेकर वह सब कुछ जो आप जानना चाहेंगे, पढ़िए पूरी खबर

Bhagwati Teli | Updated: 24 Jun 2019, 04:36:43 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

देश की पहली 20 स्मार्ट सिटी smart city में लेकसिटी उदयपुर udaipur के नाम का जब चयन हुआ तो शहरवासियों के चेहरे खिल उठे थे। पर चार साल में स्मार्ट सिटी जैसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। शहर में सरल एवं सस्ती पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा के नाम पर सिटी बसों का संचालन नहीं हो सका, वहीं कई ऐसे बड़े काम हैं जो एक स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी हैं लेकिन आज तक वे इस शहर में पूरे नहीं हुए हैं। स्मार्ट सिटी की शुरुआत जन भागीदारी से हुई लेकिन अब इसके क्रियान्वयन में जनता की भागीदारी नहीं है। 25 जून 2015 को उदयपुर में स्मार्ट सिटी के कार्य शुरू किए थे, लेकिन तब से अब तक यहां कितना काम हुआ है। इस पर पढि़ए एक विशेष रिपोर्ट:-

मुकेश हिंगड / उदयपुर. चार साल पूर्व उदयपुर ने स्मार्ट सिटी Udaipur Smart City के रूप में चयन पर जश्न मनाया था, जब लोगों की मेहनत और संकल्प ने उदयपुर को पहले 20 स्मार्ट सिटी का तमगा दिलाया लेकिन इसके बाद शहरवासियों को भूल दिया गया है। शहर में चार वर्ष में सिटी बसें नहीं चला सके हैं जो शहरवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों की अहम जरूरत है। ऐसे में यह सवाल वाजिब है कि चार वर्ष में स्मार्ट सिटी कंपनी ने ऐसा कौन सा बड़ा काम नहीं दिया जिससे उदयपुर का नाम देश-दुनिया तक हो। स्मार्ट सिटी Smart City के अधिकारियों के समक्ष जब ये सवाल उठते हैं तो उनका एक ही जवाब होता है कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है। एक ही बार में शहर स्मार्ट थोड़े हो सकता है लेकिन अब तो चार वर्ष निकल गए हैं।

स्वतंत्र निदेशक तक नहीं लगाए
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बताया गया था कि एक कुशल, स्वच्छ, स्वास्थ्यप्रद, खुशहाल व समावेशी शहर का निर्माण किया जाएगा, जहां सभी कार्यक्रम, कार्य योजनाएं, नीतियों का निर्माण, क्रियान्वयन, उनका देखरेख, मूल्यांकन स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर किया जाएगा ताकि शहरी udaipur development जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो । आज कोई यह पूछने वाला नहीं होने से तय उद्देश्यों से हट कर कार्य किए जा रहे हैं। बापूबाजार में व्यापारी अनिल बोहरा का कहना है कि केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री लगातार कह रहे हैं कि जन सहभागिता को सर्वोच्च महत्व देते हुए जन सलाहकार मंडल बनाया जाए, लेकिन यहां कोई नहीं है। स्मार्ट सिटी कंपनी में दो स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किए जाने चाहिए और इसका सीईओ स्वतंत्र हो लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

जानिए स्मार्ट सिटी को

स्मार्ट सिटी मिशन में देश के 100 प्रमुख शहरों के बीच प्रतियोगिता हुई। जन भागीदारी से उदयपुर ने प्रतियोगिता में अव्वल स्थान प्राप्त किया और टॉप 20 सिटी में चयन हुआ। इस योजना में प्रत्येक शहरों को प्रतिवर्ष 100 करोड़ तथा 5 वर्षों में कुल 500 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार की ओर से अनुदान मिलेगा एवं इतना ही अंशदान राज्य सरकार व नगर निकाय को करना है।


स्मार्ट सिटी के ये थे स्मार्ट टारगेट

1. सार्वजनिक परिवहन
स्मार्ट सिटी कंपनी ने वादा किया था यह हमारी प्राथमिकता है। आज हकीकत यह है कि चार साल में यह सुविधा लोगों को नहीं दे सके। काम नहीं होने पर स्मार्ट सिटी कंपनी टेंडर नहीं होने या निरस्त होने की बात कर रही है लेकिन जनता का कहना है कि इससे उनको क्या लेना-देना, उनको तो सुविधा नहीं मिल सकी।
2. जल प्रणाली
अभी गर्मी में जल संकट बना हुआ है। चार वर्ष में इस समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। चौबीस घंटे जलापूर्ति की बातें जरूर की गई लेकिन अब तक तो जल प्रणाली ठीक नहीं हुई है।
3. सीवरेज एवं सेप्टेज
सीवरेज को लेकर काम चल रहा है लेकिन इसने मुसीबतें जरूर दी हैं। यह सही बात है कि कुछ पाने के लिए कुछ समय परेशान होना पड़ेगा लेकिन स्मार्ट सिटी में इस कार्य का स्मार्ट प्रबंधन नहीं किया जिससे पूरा शहर खुदा पड़ा है।
4. ड्रेनेज सिस्टम
पहली बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं होने से कई जगह पानी भर गया। असली तस्वीर तो मानसून के सक्रिय होने पर सामने आएगी। स्मार्ट सिटी में इस पर प्रोजेक्ट बने हैं लेकिन अभी प्रक्रियाधीन है।
5. ग्रीन स्पेस-उद्यान विकास
ग्रीन स्पेस के लिए कोई काम नहीं किया गया है। कई बार बात उठी कि गुलाबबाग जैसा एक बाग तो और बनाया जाए लेकिन अभी तक तो स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में ऐसा कुछ नहीं है।


काम की रफ्तार ही स्मार्ट नहीं
कार्य का नाम समय सीमा वर्तमान स्थिति
सीवरेज अमृत-1 28 फरवरी 19 77 प्रतिशत
सीवरेज अमृत-2 30 जून 2019 81 प्रतिशत
बस शेल्टर बनाना 8 जुलाई 2019 40 प्रतिशत
ठोस कचरा निस्तारण 27 मई 2019 25 प्रतिशत
हेरिटेज विकास 8 दिसम्बर 2019 8 प्रतिशत
आंगनवाड़ी व सरकारी स्कूल विकास...15 अगस्त 2019... 25 प्रतिशत


ऐसे समझे स्मार्ट सिटी के बजट को
श्रेणी कार्य राशि
प्रोजेक्ट पूर्ण 13 32.73
प्रोजेक्ट इन प्रोग्रेस. 31 1135.47
प्रोजेक्ट टेंडर प्रक्रिया 05 76.91
प्रोजेक्ट डीपीआर निर्माण 18 206.99
कुल राशि 67 1452.10

राशि — करोड़ में

ये प्रोजेक्ट जिनकी डीपीआर बन रही
पार्किंग एरिया-2
आईटी सॉल्यूशन कार्य
स्मार्ट चौराहों का विकास एवं हरियाली
ब्रह्मपोल में ब्रिज का निर्माण करना
मेवाड़ की कला एवं संस्कृति का प्रमोशन
आयड़ नदी के फ्रंट का विकास फेज 1
बागोर की हवेली में हैरिटेज संरक्षण कार्य
वेस्ट कलेक्शन सेंटर का निर्माण
सी-डी वेस्ट प्लांट का निर्माण
ट्रांसपोर्ट एंड मोबिलिटी फेसेलिटीज

ये बड़े काम अभी अधूरे

वॉल सिटी में हेरिटेज फेज-2 के कार्य
पब्लिक बाइसाइकिल शेयरिंग कार्य
सिटी बसों का संचालन करना

सीवरेज प्रबंधन का कार्य
एबीडी एरिया का विकास
पार्किंग स्थल के विकास
सिटी बस शेल्टर का निर्माण
ठोस कचरा निस्तारण प्लांट का निर्माण
सरकारी स्कूलों के भवनों का जीर्णोद्धार
सूरजपोल चौराहा का विकास
काम जो अभी शुरू ही नहीं हुए
शहर में सिटी बसों का संचालन करना
हिरणमगरी व बलीचा से स्मार्ट रोड का निर्माण
मुखर्जी चौक सब्जी मंडी का विकास


ये काम मंथर गति से जारी
हिरणमगरी सेक्टर तीन से जड़ाव नर्सरी तक स्मार्ट रोड
बलीचा से गोवर्धन सागर तक स्मार्ट रोड
शहर में बस शेल्टर का निर्माण करना
तीतरड़ी में फेज 2 का कार्य
सूरजपोल चौराहा का विकास


काम जो पूरे हुए
गुलाबबाग व अन्य जगह पर ओपन जिम की स्थापना
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना
सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल स्थापना, पीडब्ल्यूडी गैरेज के पास पार्किंग निर्माण
अभय कमांड एंड कन्टोल रूम की बिल्डिंग का निर्माण
महत्वपूर्ण स्थानों पर ऑटोमेटिक सैनेटी वेडिंग मशीन की स्थापना।
हेरिटेज भवनों का जीर्णोद्धार

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned