ओवरलोड कैसे रुकेगा- सरकार को चाहिए पूरा पैसा, जीप चालक आधे में राजी

ओवरलोड कैसे रुकेगा- सरकार को चाहिए पूरा पैसा, जीप चालक आधे में राजी

By: Mohammed illiyas

Published: 15 Nov 2020, 11:53 AM IST

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
सरकार आदिवासियों उत्थान के लिए कितनी ही योजनाएं व ओवरलोड को रोकने के लिए आवागमन के साधन लेकर आई लेकिन आज भी गरीब तबके के लोग अधिक किराए की मजबूरी के चलते अवैध ओवरलोड वाहनों में सफर करने का मजबूर है। परिवहन विभाग ने दुर्घटनाओं को रोकने चलाए गए अभियान चलाते हुए वाहनों की धरपकड़ भी की लेकिन आज भी न ओवरलोड रुका न ही अवैध वाहन। आज भी ये लोग राजस्थान से गुजरात व मध्यप्रदेश में मजदूरी के लिए ओवरलोड वाहनों में ही जा रहे है। कोरोना काल में इन वाहनों की चैकिंग के बावजूद इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं।
उदयपुर-गुजरात जिले से सटे बॉर्डर इलाके के खेरवाड़ा, केसरियाजी, झाड़ोल, फलासिया, कोटड़ा उपखंड मार्ग पर करीब 800 से ज्यादा अवैध वाहनों का संचालन सामने आया। जिनमें किराए व टैक्सी के वाहनों की संख्या सर्वाधिक है। यह वाहन तीनों ही राज्यों में महज 100 किलोमीटर की दायरे में दौड़ रहे है। इन वाहनों का किराया सरकार के प्रतिबंधित वाहनों से आधा है। 15 सवारी की क्षमता वाली टैक्सी में आज भी 40 से ज्यादा लोग भरकर सफर करते है। अवैध वाहनों का 50 किलोमीटर के सफर का महज 30 रुपए व रोडवेज बस का किराया 65 रुपए होने सामने आया।
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दो राज्यों में छूट मिले तो हो सफर आसन
- अन्तराज्यीय सीमा पर लगभग 50-60 किलोमीटर दोनों राज्यों में अलग-अलग क्षेत्रों में टैक्स (यात्री वाहनों) में छूट मिले तो सफर आसान हो सके।
- स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक परिवहन सेवा को मजबूत हो ताकि आदिवासियों को रोजगार मिल सके।
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Mohammed illiyas Reporting
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