उदयसागर से 70 हजार लोगों को प्रतिदिन मिल सकेगा पानी

उदयसागर से 70 हजार लोगों को प्रतिदिन मिल सकेगा पानी
उदयसागर से 70 हजार लोगों को प्रतिदिन मिल सकेगा पानी

dhirendra joshi | Updated: 13 Sep 2019, 01:05:12 PM (IST) Udaipur, Udaipur, Rajasthan, India

- वर्ष 2020 तक सरकार खत्म करेगी हिन्दुस्तान जिंक से हुआ करार
- उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई योजना बनने पर होगा लाभ

Udaipur Udaisagar : Udaipur Drinking Water धीरेंद्र् कुमार जोशी/उदयपुर. संभाग मुख्यालय उदयपुर में आबादी के निरंतर बढ़ते दबाव के बीच गहराती पेयजल समस्या को लेकर एक राहत भरा समाचार है। सब कुछ सरकारी नीतियों के अनुरूप हुआ तो उदय सागर ( Udaipur ) झील से करीब 70 हजार लोगों प्रतिदिन दिनचर्या की जरूरतों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। ऐसी उम्मीद इसलिए बन रही है कि सरकार और हिन्दुस्तान जिंक के बीच उदय सागर झील के पानी को लेकर हुआ अनुबंध वर्ष 2020 में समाप्त होने वाला है। अगर, आंकड़ों पर गौर करें तो कुल 11 सौ एमसीएफटी क्षमता वाले उदय सागर बांध का 975 एमसीएफटी पानी उपयोगी है। इसमें से अनुबंध के तहत सिंचाई विभाग अब तक हिन्दुस्तान जिंक को 180 एससीएफटी पानी दिया जा रहा था। अब अनुबंध खत्म होने वाला है तो पानी शहर की जनता को पिलाने के काम आएगा। खास यह रहेगा कि बांध से होने वाले सिंचाई के पानी के उपयोग में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

धरातल से जुड़ा सच
- 1100 एमसीएफटी भराव क्षमता है उदयसागर की
- 975 एमसीएफटी पानी है उपयोगी
- 5110 हैक्टेयर है कमांड एरिया
- 2956 हैक्टेयर में होती है सिंचाई

अनुबंध में यूं हुआ बदलाव
उदयसागर के पानी को लेकर सिंचाई विभाग व हिन्दुस्तान जिंक के बीच विशेष अनुबंध हुआ था। इसके तहत दिसम्बर 2017 से दिसम्बर 2018 के बीच जिंक लिमिटेड ने 180 एमसीएफटी अनुबंध के स्थान पर 135 एमसीफटी पानी का उपयोग किया। वर्ष दिसम्बर 2019 तक 90 एमसीएफटी पानी का उपयोग होगा। करार के तहत वर्ष 2020 दिसंबर माह तक जिंक को उदयसागर से 45 एमसीएफटी पानी ही उठाना है। इसके बाद करार खत्म हो जाएगा। इसके बाद उदयसागर का पानी अतिरिक्त बचेगा।

शुद्ध होगा उदयसागर का पानी
अब तक उदयसागर का पानी पीने योग्य नहीं बताया जा रहा था। लेकिन, शहर के सीवरेज को आयड़ नदी से अलग निकालने के साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं। ऐसे में जब आयड़ सीवर मुक्त होगी तो स्वत: ही उदयसागर का पानी भी शुद्ध होगा।बढ़ रही है पेयजल ( Drinking Water ) समस्यावर्तमान में जहां पाइप-लाइन है। वहां के उपभोक्ताओं को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 140 एमएलडी पानी प्रतिदिन चाहिए। लेकिन, जलाशय भरे होने पर भी 90 से 95 एमएलडी पानी ही उपलब्ध कराया जा सकेगा।

जांच कर तय करेंगे उपयोग
कुछ वर्ष पहले हुई जांच में उदयसागर को पीने योग्य नहीं माना गया था। इस बार मानसून की बरसात में नया पानी आया है। गर्मियों में पानी की जांच कराने के बाद पेयजल में इसके उपयोग को लेकर विचार संभव है।
- सोहनलाल सालवी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग

खत्म होगा अनुबंध
हिंदुस्तान जिंक और जल संसाधन विभाग के बीच वर्तमान में प्रभावी अनुबंध के तहत दिसंबर 2019 तक 90 एमसीएफटी पानी लिया जा रहा है। इसके पश्चात 45 एमसीएफटी पानी दिसंबर 2020 तक उपयोग होगा। इसके बाद अनुबंध समाप्त होगा। पूर्व में निष्पादित अनुबंध के अनुसार 180 एमसीएफटी पानी की बचत होगी। इस पानी का उपयोग जलापूर्ति में संभव है।
- विनित शर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।

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