घर का सपना पूरा हुआ पर सालों से कॉलोनियों तक नहीं पहुंचा पानी

शहर की कई कॉलोनियों के लोग महंगा पानी खरीद रहे

By: Mukesh Kumar Hinger

Published: 09 Jan 2021, 11:21 AM IST

उदयपुर. हम यूआइटी के अनुमोदित प्लान में मकान बनाकर खुश थे कि गलत जगह नहीं फंस रहे है। तब मन में यहीं था कि धीरे-धीरे सुविधाएं भी विकसित कर दी जाएगी लेकिन सालों बीत गए आकर यूआइटी ने देखा तक नहीं। ऐसा नहीं कि यूआइटी के अफसर व इंजीनियरों को पता नहीं था, उनको तो हम कई बार लिखित में देकर आए और मौखिक मिलकर अलग आए। वे आश्वासन ही देते गए लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंचा है। यह भी कहते है कि यह काम पीएचइडी का है लेकिन हम तो इतना जानते है कि हमारा प्लान आपने अनुमोदित किया। यह कहना है कि यूआइटी कन्वर्ट कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का। पत्रिका को अपना दर्द साझा करते हुए लोगों ने बताया कि जलदाय विभाग व यूआइटी ने कन्वर्ट प्लान में अभी तक पानी पहुंचाने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। यहां प्रस्तुत है कुछ केस-

केस 1
हिरणमगरी सेक्टरी 9 स्थित सी ब्लॉक के 65 वर्षीय एम.के. द्विवेदी बताते है कि उन्होंने वहां 1990 में यूआईटी स्कीम में भूखंड खरीदा और मकान बनाया। वहां अभी तक पानी की पाइप लाइन नहीं पहुंची है। उन्होंने इस संबंध में यूआइटी, नगर निगम, जलदाय विभाग में कई बार पत्र व्यवहार किया लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई।

केस 2
विनायक नगर रामगिरी बडग़ांव के दिनेशचंद श्रीमाली बताते है कि वहां यूआइटी की कनवर्टेड कॉलोनी व आसपास की बस्तियों में पेयजल की समस्या है। इन बस्तियों के प्रत्येक घर में खुदे ट्यूबवेल ही एक मात्र जल स्रोत है जिसका भारी पानी हानिकारक है। प्रत्येक घर में आरओ लगाए गए है जिससे पानी का अधिक दोहन हो रहा व आर्थिक दृष्टि से पानी महंगा है।

केस 3
न्यू नवरत्न कॉम्पलेक्स निवासी पारस जैन बताते है कि वहां करीब 30 से 40 हाउसिंग सोसायटी है, हजारों लोग रहते है और शहर का प्रमुख इलाका है लेकिन वहां पीने के पानी का प्रबंध नहीं है। आरओ के सहारे ही वहां प्यास बुझाई जा रही है। यह शहर के पूलां के पास पॉश इलाका है और वहां कई कॉलोनियों में मकान बन गए है और पानी का समाधान नहीं हुआ।

केस 4
शिव नगर देवाली गोवर्धन विलास के डा. सुरेश सिसोदिया बताते है कि जीवनतारा कॉलोनी व देवाली रूरल गोवर्धन विलास क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी के रूप में दस साल पहले यूआइटी ने प्लान अनुमोदित किया लेकिन आज तक यूआइटी ने पानी व स्ट्रीट लाइट की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई है। यूआइटी ने राशि जमा करने के बाद आकर देखा तक नहीं है।

केस 5
अनुपमा धाभाई बताती है कि प्रतापनगर क्षेत्र की एन भैरवाय नगर, अलख नयन हॉस्पिटल आदि कॉलोनी में क्षेत्रवासियों को पानी की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, कई बार यूआइटी को अवगत कराया लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। इस क्षेत्र में सटी अन्य कॉलोनियों की भी यही कॉमन समस्या है और सबका एक साथ समाधान करना जरूरी हो गया है।

केस 6
ग्राम पंचायत बेदला की सरपंच निर्मला प्रजापत बताती है कि क्षेत्र में स्थित भिक्षु नगर कॉलोनी यूआइटी की रूपान्तरित कॉलोनी है जहां अभी पानी की लाइन नहीं बिछाई गई है। पंचायत ने यूआइटी को कई बार लिखित में इस समस्या के समाधान के लिए कहा लेकिन अभी तक यूआइटी ने फोकस नहीं दिया। पेराफेरी में पंचायत आती है लेकिन मदद नहीं मिल रही है।

मीरा नगर व उत्तरी सुंदरवास में पानी कम दबाव से
मीरा नगर, भुवाणा में 1/001 से 1/325 मकानों में पिछले दो महीने से पानी बहुत कम दबाव से आ रहा है जिससे यहां पानी की समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्र के प्रदीप श्रीमाल बताते है कि इस बारे में जलदाय विभाग के सहेलियों की बाड़ी के अभियन्ताओं व्यक्तिगत क्षेत्रवासियों ने मिलकर बताई, इसके बाद लाइनमैन को भेजा और उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यहां पानी जीरो लेबल (कम दबाव) से ही बताया लेकिन समस्या जस की तस है। इसी प्रकार वार्ड 47 के उत्तरी सुंदरवास के वाशिंदे अल्प एवं अनियमित जलापूर्ति के कारण पानी को तरस रहे है। क्षेत्रवासी सतीश चंद्र भटनागर बताते है कि उतरी सुन्दरवास में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के सामने वाली गली में पिछले 2 वर्ष से जलापूर्ति शून्य हैं। कॉऑपरेटिव गली में भी मैन लाइन से कनेक्शन लिया हुआ है ,जो काफी दूरी होने एवं अत्यंत कम दबाव से जलापूर्ति होने से पानी को तरस रहे है।

Mukesh Kumar Hinger Desk
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