उदयपुर कलक्टर बोले : रियायतें बढ़ी हैं, लेकिन कोरोना की रिस्क कम नहीं हुई

व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से कलक्टर-एसपी ने किया संवाद

By: Mukesh Hingar

Updated: 28 Jun 2021, 12:12 AM IST

उदयपुर. जिले में सोमवार से राज्य सरकार के निर्देशानुसार अनलॉक 3.0 के तहत नई गाइडलाइन लागू होने जा रही है। इससे पहले रविवार को जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने शहर के विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बाजारों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं होटलों को खोले जाने के संबंध में चर्चा की। जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में कलक्टर देवड़ा ने व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से कोरोना संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इस पर व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

दुकानों पर डिस्प्ले करना होगा कितने लोगों को टीका लगा
कलक्टर देवड़ा ने अनलॉक 3.0 की गाइडलाइंस पर चर्चा करते हुए व्यापारिक प्रतिनिधियों को अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर यह सूचना प्रदर्शित करने को कहा कि दुकान में कितने लोग काम करते हैं और इनमें से कितने लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। कलक्टर ने कहा कि यह हर ग्राहक का अधिकार भी है कि उसे पता हो कि वो जिस दुकान में जा रहा है, वहां से उसे कोरोना फैलने का खतरा तो नहीं है। इस पर सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर यह सूचना प्रदर्शित करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की।

आजीविका और जीवन दोनों को बचाना हैः कलक्टर
कलक्टर ने विभिन्न व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी यही चाहता है कि जल्द से जल्द सब कुछ पहले जैसा हो जाए, लेकिन इसके लिए हम सभी को मिलकर कोविड गाइडलाइंस की पालना करनी होगी। इस दौरान टेंट, लाइट, डेकोरेशन, बैंड और मैरिज गार्डन से जुडे़ व्यापारिक संघों के प्रतिनिधियों ने शादी के लिए निर्धारित समय सीमा और सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग की। इस पर कलक्टर ने कहा कि नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार सरकार का है, वे उनकी मांग राज्य सरकार तक पहुंचा देंगे।

व्यापार के साथ वेक्सीनेशन भी जरूरी
कलक्टर ने कहा कि जहां भी जरूरत हो, वहां वेक्सीनेशन के विशेष कैम्प आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। व्यापारिक गतिविधियां जारी रहे, राज्य सरकार की भी यही मंशा है, लेकिन बाजारों में भीड़ न उमडें यह हम सबकी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने कुछ रियायतें दी हैं, लेकिन ये तभी तक जारी रहेगी, जब तक हम कोविड गाइडलाइंस का पालन करेंगे।

सात बजे बाद दुकानें खुली, तो होगी सीज
बैठक के दौरान व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने बाजारों में थड़ी-ठेलों पर उमड़ने वाली भीड़ और बिना वजह घूमने वालों की बढ़ती संख्या की तरफ ध्यान दिलाया। इस पर कलक्टर ने कहा कि यदि कोई भी दुकान शाम 7 बजे बाद खुली मिली, तो उसे तीन दिन के लिए सीज कर दिया जाएगा। इस पर सभी व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताई।

व्यापार संघों की शिकायत-सीएमएचओ फोन नहीं उठाते
बैठक के दौरान व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी की फोन न उठाने की शिकायत की । इस पर कलक्टर ने व्यापारियों से कहा कि किसी प्रकार की समस्या होने पर उनके और एसपी साहब के नंबर पर कभी भी फोन कर सकते हैं। इस दौरान कई व्यापारियों ने वेक्सीनेशन के मैसेज में गड़बडि़यों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वेक्सीन नहीं लगी तो भी मैसेज आ रहे हैं। दूसरे लोगों के वेक्सीनेशन के मैसेज उनके पास आ रहे हैं। इस पर कलक्टर देवड़ा ने सीएमएचओ को वेक्सीनेशन की मॉनीटरिंग में सुधार लाने और जिस दिन टीका लगे उसी दिन ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए। मीटिंग में डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने व्यापारियों की ओर से जिला प्रशासन की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने सड़क किनारे सब्जी-फल सहित ठेलों पर उमड़ रही भीड़ का मुद्दा उठाया। सिंघवी ने कहा कि मैं पहले व्यापारी हूं, उसके बाद डिप्टी मेयर। जो भी व्यक्ति बीमारी फैलाने का काम करे, उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

दुकान बंद कराने के लिए पुलिस की क्या जरूरतः एसपी
विभिन्न व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर चेतन देवड़ा और एसपी डॉ. राजीव पचार के नेतृत्व में उदयपुर जिले में कोरोना काल में किए गए कार्यों की सराहना की। इस दौरान सभागार तालियों से गूंज उठा। एसपी डॉ. राजीव पचार ने आत्मनियंत्रण और आत्म-अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि उदयपुर के व्यापारिक संघों से कोरोना काल में पूरा सहयोग मिला है और आशा करते हैं कि आगे भी मिलता रहेगा। एसपी ने कहा कि दुकान बंद करवाने के लिए किसी पुलिसकर्मी को आने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए। जिस तरह हर मुद्दे पर व्यापार संघों ने एकजुटता दिखाई है, उसी तरह दुकान बंद करने के लिए सभी व्यापार संघों को एकजुट होकर तय कर लेना चाहिए कि निर्धारित समय पर दुकानें बंद हो जाए। इसके लिए किसी पुलिसवाले को आने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए माइक्रो लेवल पर बाजारों की समितियां बनाकर काम करना चाहिए। बतौर एसपी मैं भी चाहता हूं कि बाजार जल्द से जल्द खुलें, क्योंकि जब भी मार्केट बंद होता है या अर्थव्यवस्था में गिरावट आती है, तो अपराध बढ़ जाते हैं। बैठक में एडीएम प्रशासन ओ.पी. बुनकर, एडीएम सिटी अशोक कुमार, निगम कमिश्नर हिम्मत सिंह बारहठ, सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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